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Friday, May 15, 2026

सुपर अल-नीनो का वो कहर, जब चली गई थी करोड़ों लोगों की जान

डेस्क। 2026 में फिर से “Super El Nino” जैसे हालात बनने का खतरा बढ़ रहा है। यही वजह है कि लोग 1877 के उस दौर को याद कर रहे हैं, जब एक खतरनाक सुपर अल-नीनो ने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी। उस समय की बात करें तो उस समय बारिश कम हुई, सूखा पड़ा और खाने-पानी की भारी कमी हो गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार उस दौर में भारत समेत कई देशों में करोड़ों लोगों की जान तक चली गई थी।

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इतिहास के पन्नों में 1877-78 का सुपर अल-नीनो सबसे खतरनाक माना जाता है। उस समय प्रशांत महासागर का पानी बहुत ज्यादा गर्म हो गया था, जिसका असर दुनिया के कई देशों पर पड़ा; जिसका असर उस समय भारत, चीन, ब्राजील और कई दूसरे देशों में लंबे समय तक सूखा पड़ा था। फसलें बर्बाद हो गई थीं और लोगों के पास खाने तक की कमी हो गई थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार उस समय लगभग 5 करोड़ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें भारत के भी लाखों-करोड़ों लोग शामिल थे। गांवों में लोग भूख और बीमारी से तड़प रहे थे। साथ ही पानी की कमी ने हालात और खराब कर दिए थे। उस दौर में मौसम की सही जानकारी देने वाली तकनीक भी नहीं थी, इसलिए लोग पहले से तैयार नहीं हो पाए थे। हालांकि वैज्ञानिक मानते हैं कि आज दुनिया पहले से ज्यादा तैयार है।

मौसम की जानकारी देने वाली नई तकनीक, सैटेलाइट और चेतावनी सिस्टम पहले से मजबूत हुए हैं। फिर भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है भारत जैसे देशों में गर्मी, पानी की कमी और कमजोर मानसून लोगों की सेहत पर बड़ा असर डाल सकते हैं। साथ ही डॉक्टर भी लगातार लोगों को तेज धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का खास ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। बढ़ती गर्मी सिर्फ मौसम की खबर नहीं बल्कि इंसानों की जिंदगी से जुड़ा बड़ा खतरा बनती जा रही है। अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले साल और मुश्किल भरे हो सकते हैं।

Tag: #nextindiatimes #SuperElNino #IMD #Weather

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