‘Ramayanam’ में मां सीता को इस हाल में देख लोग नाराज, मेकर्स बोले ये बात

एंटरटेनमेंट डेस्क। भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी और भव्य फिल्मों में शुमार ‘Ramayanam: राइज ऑफ ए लेजेंड’ रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर चर्चा का विषय बन गई है. प्राचीन हिंदू महाकाव्य रामायण पर आधारित इस फिल्म के ‘लार्जर दैन लाइफ’ स्केल ने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी दर्शकों का ध्यान खींचा है.

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फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर और रावण के किरदार में यश के अभिनय की जमकर तारीफ हो रही है. हालांकि, इन सबके बीच फिल्म में मां सीता के किरदार को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. फिल्म में मां सीता (साई पल्लवी) के कुछ एक्शन सीन्स को देखकर दर्शकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं.

सोशल मीडिया पर क्यों हो रहा है विरोध?

फिल्म के एक सीन में भगवान राम के साथ-साथ माता सीता को भी दानवों से मुकाबला करते और एक्शन सीन करते हुए दिखाया गया है.

इस बात को लेकर कई दर्शक और सोशल मीडिया यूजर्स मेकर्स पर भड़क उठे हैं.

लोगों का मानना है कि यह रामायण के मूल तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है.

  • यूजर की आपत्ति:
  • एक यूजर ने इस पर नाराजगी जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “यह रामायणम् का एक और फ्रॉड या स्कैम्याणा है. इस फिल्म में हम सीता मां को खर और दूषण की 14,000 दानवों की सेना से लड़ने में श्री राम की मदद करते हुए देख रहे हैं, जबकि शास्त्रों के अनुसार श्री राम ने उन सभी का वध अकेले ही किया था और लक्ष्मण व सीता को सुरक्षित दूर भेज दिया था।”
  • दूसरा रिएक्शन:
  • एक अन्य यूजर ने हैरानी जताते हुए कहा, “भगवान राम ने अकेले ही पूरी सेना से युद्ध किया था. मां सीता एक कोमल स्वभाव की स्त्री थीं और भगवान राम कभी उन्हें युद्ध के मैदान में नहीं जाने देते।”

मेकर्स ने ‘अद्भुत रामायण’ का दिया हवाला और की सफाई

बढ़ते विवाद और आलोचनाओं को देखते हुए फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी ने इस पर खुलकर बात की है. हाल ही में लॉस एंजिल्स में आयोजित फिल्म के इंटरनेशनल प्रीमियर के दौरान मेकर्स ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यह दृश्य पूरी तरह हवा में नहीं गढ़ा है.

नितेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने माता सीता को एक योद्धा राजकुमारी के रूप में दिखाने के लिए ‘अद्भुत रामायण’ ग्रंथ से प्रेरणा ली है. उन्होंने कहा कि फिल्म में भगवान राम के दिव्य स्वरूप और चरित्र के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है,

लेकिन कहानी को सिनेमाई रूप देने के लिए कुछ रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Liberty) जरूर ली गई है.

मेकर ने इंटरनेशनल मीडिया से बातचीत में कहा,

“हमारी फिल्म में एक्शन है और हम इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट थे कि

कुछ कैरेक्टर्स के साथ हम लिबर्टी ले सकते हैं और कुछ के साथ नहीं.

देश में रामायण के कई वर्जन मौजूद हैं,

जहाँ मां सीता का एक योद्धा वाला रूप भी देखने को मिलता है.

‘अद्भुत रामायण’ में उन्हें एक योद्धा राजकुमारी के रूप में दर्शाया गया है.

हमने वही एलिमेंट अपनी फिल्म में लिया है,

जो उनके किरदार को एक नया और सशक्त आयाम देता है।”

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