हेल्थ डेस्क। क्या आप भी अक्सर तेज सिरदर्द या Migraine से परेशान रहते हैं? हाल ही में हुए एक शोध से यह साफ हुआ है कि वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से माइग्रेन की समस्या काफी बढ़ सकती है। रिसर्च के अनुसार चाहे आप प्रदूषण के संपर्क में थोड़े समय के लिए आएं या फिर लगातार इसके बीच रहें, दोनों ही स्थितियां आपके माइग्रेन को बढ़ाने का काम करती हैं।
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एक अध्ययन में यह बताया गया है कि केवल हवा की गंदगी ही नहीं, बल्कि मौसम के कुछ खास बदलाव भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। गर्मी और हवा में नमी जैसे जलवायु कारक भी आपके सिरदर्द को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं। जिन लोगों को पहले से ही माइग्रेन की शिकायत रहती है, उनके लिए बाहरी पर्यावरण दो अलग-अलग तरह से काम करता है।जैसे गर्मी और नमी जैसे मौसम से जुड़े कारक माइग्रेन के दौरे के जोखिम को कम या ज्यादा कर सकते हैं। हवा में प्रदूषण के स्तर का अचानक बढ़ना माइग्रेन के दर्द को तुरंत ट्रिगर कर सकता है।

बदलते मौसम के दौरान माइग्रेन का दौरा पड़ना एक आम समस्या है, जो नसों में सूजन और रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। इससे बचने के लिए पर्याप्त हाइड्रेटेड रहें (पानी पिएं), तेज़ रोशनी में धूप का चश्मा लगाएं, नींद का रूटीन सही रखें और तनाव को नियंत्रित करें। अत्यधिक तापमान से बचें।
शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) माइग्रेन का मुख्य कारण है, इसलिए दिन में पर्याप्त पानी पिएं। जब मौसम अचानक बदले (बहुत गर्मी या बहुत ठंडी हवा), तब घर के अंदर रहने की कोशिश करें। कैफीन, शराब और पुराने पनीर जैसे खाद्य पदार्थों से बचें जो माइग्रेन के दौरे को बढ़ावा दे सकते हैं।
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