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Wednesday, April 15, 2026

कम उम्र में बने मंत्री, फिर ऐसे तय किया बिहार के ‘सम्राट’ तक का सफर

बिहार। बिहार को 20 साल बाद आज नया सीएम मिल गया है। सम्राट चौधरी ने आज सीएम पद की शपथ ली। वे भाजपा के पहले और राज्य के 24 वें मुख्यमंत्री बने हैं। उनके अलावा दो डिप्टी सीएम (बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी) ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। हम आपको बताते हैं बिहार के नए सम्राट का पूरा राजनीतिक सफर।

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Samrat Choudhary का जीवन शुरू से ही आसान नहीं रहा। परिवार और राजनीति दोनों ही मोर्चों पर उन्हें कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी अपने सिद्धांत और अनुशासन से समझौता नहीं किया। हर परिस्थिति में वे मजबूत होकर उभरे और लगातार आगे बढ़ते गए।राजनीति में उनकी शुरुआत बेहद कम उम्र में हुई। वे पहली बार सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय जनता दल की सरकार में मंत्री बने।

उनके काम करने का तरीका और अनुशासन उन्हें भीड़ से अलग करता रहा। जब वे भाजपा में शामिल हुए, तो पार्टी ने उनके भीतर एक सशक्त नेतृत्व की झलक देखी। उनके सिद्धांतों और संगठन क्षमता से प्रभावित होकर भाजपा ने उन्हें बिहार प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी सौंपी।

सम्राट चौधरी चार भाइयों में तीसरे स्थान पर हैं। बड़े भाई का साया अब उनके सिर पर नहीं है, वहीं तीन बहनों में से एक बहन भी इस दुनिया में नहीं रही। जीवन के इन निजी दुखों ने उन्हें और मजबूत बनाया। बचपन की यादें आज भी उनके परिवार के लिए खास हैं। बड़ी बहन नीलम देवी उन्हें प्यार से ‘गुल्लू’ कहकर बुलाती थीं। धीरे-धीरे यह नाम पूरे परिवार और आसपास के लोगों की जुबान पर चढ़ गया। हर कोई उन्हें ‘गुल्लू’ के नाम से ही जानता था। लेकिन जैसे-जैसे जिम्मेदारियां बढ़ीं, पिता ने उनका नाम बदलकर सम्राट चौधरी रख दिया।

Tag: #nextindiatimes #SamratChoudhary #Bihar

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