स्पोर्ट्स डेस्क। दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टीयानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। पुर्तगाल फुटबॉल एसोसिएशन ने सोमवार को यह आधिकारिक जानकारी दी कि रोनाल्डो पर 30 दिन का बैन और 285 डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
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यह पूरा विवाद पुर्तगाल की नेशनल फुटबॉल टीम के एक कैंप के दौरान शुरू हुआ, जहां टीम में अपनी भूमिका और रोल को लेकर रोनाल्डो की तीखी बहस टीम के कोच जॉर्ज जीसस के साथ हो गई। पुर्तगाली फेडरेशन की अनुशासनात्मक यूनिट ने जांच के बाद रोनाल्डो पर लगे इन सभी आरोपों को पूरी तरह से सही ठहराया है।
कोच के साथ विवाद और कैंप छोड़कर जाने की घटना:
- वादा तोड़ने का आरोप:
- रोनाल्डो का पक्ष इस मामले में काफी चर्चा में है,
- क्योंकि उन्होंने कोच जॉर्ज जीसस पर दो बार अपना वादा तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।
- कैंप छोड़कर जाना:
- नेशंस लीग में डेनमार्क के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से ठीक पहले रोनाल्डो पुर्तगाल टीम का कैंप बीच में ही छोड़कर चले गए थे।
- सब्स्टीट्यूट विवाद:
- रोनाल्डो का मुख्य नाराजगी का कारण यह था कि नॉर्वे के खिलाफ मैच में उन्हें सब्स्टीट्यूट के तौर पर भी मैदान पर नहीं उतारा गया,
- जबकि टीम में उनके रोल को लेकर पहले कुछ और तय हुआ था।
- कोच का बयान:
- इस गर्माए माहौल के बीच कोच जीसस ने रोनाल्डो के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुर्तगाल की टीम में रोनाल्डो की वापसी के रास्ते अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और उनके लिए दरवाजे खुले हैं।
अनुशासनात्मक कार्रवाई और नियम:
पुर्तगाली फुटबॉल एसोसिएशन के मुताबिक, 41 वर्षीय क्रिस्टीयानो रोनाल्डो ने अनुशासनात्मक नियमों की धारा 160(1) का उल्लंघन किया है, जिसके चलते उन पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। हालांकि, फेडरेशन के आधिकारिक बयान में इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि यह 30 दिन का सस्पेंशन किस अवधि के लिए लागू होगा या किन मैचों पर इसका असर पड़ेगा,
या फिर यह प्रतिबंध पहले ही पूरा हो चुका है।
रोनाल्डो की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति:
इस पूरी सजा के खिलाफ रोनाल्डो के पास अपील करने का विकल्प खुला है, लेकिन वह इस पूरे घटनाक्रम के लिए पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग चुके हैं। रोनाल्डो ने खुद स्वीकार किया था कि उन्हें इस तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई की उम्मीद पहले से ही थी। हालांकि, 30 दिन के सस्पेंशन और जुर्माने की घोषणा के बाद उन्होंने कोई व्यक्तिगत तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यदि नेशंस लीग के सफर की बात करें, तो रोनाल्डो वेल्स के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में खेले थे,
लेकिन इसके बाद 27 सितंबर को नॉर्वे के खिलाफ हुए मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन तो दूर,
सब्स्टीट्यूट के रूप में भी मौका नहीं मिला था,
जो इस बड़े विवाद की मुख्य वजह बना।
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