जिम जाने वालों को भी हो सकता है हाई कोलेस्ट्रॉल, बचने के लिए करें ये उपाय

हेल्थ डेस्क। आजकल कम उम्र में भी हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका एक मुख्य कारण शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का बढ़ना है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शुरुआती स्टेज में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। यह बिना किसी आहट के धमनियों में जमा होता रहता है, जिससे ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा पैदा होता है।

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जिम जाने वाले और शारीरिक रूप से फिट दिखने वाले लोगों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल (high cholesterol) की समस्या हो सकती है। वर्कआउट करने से शरीर फिट रहता है, लेकिन आनुवंशिकता (Genetic factors), गलत खान-पान (जैसे ज्यादा सप्लीमेंट्स या सैचुरेटेड फैट), तनाव और नींद की कमी की वजह से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है।

क्या सिर्फ उम्रदराज लोगों को होता है बैड कोलेस्ट्रॉल?

अक्सर लोग सोचते हैं कि कोलेस्ट्रॉल केवल बुजुर्गों या कम एक्टिव रहने वालों को होता है। यह एक बड़ा भ्रम है। अगर आप युवा हैं, रोज जिम जाते हैं और पौष्टिक खाना खाते हैं, तब भी आपको हाई कोलेस्ट्रॉल हो सकता है। जेनेटिक्स या फैमिली हिस्ट्री के कारण फिट दिखने वाले लोगों का कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ सकता है। इसलिए 18 साल की उम्र के बाद से ही नियमित लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है।

आपके लिए कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षित स्तर क्या है?

हर व्यक्ति के लिए कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षित स्तर अलग होता है। कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अनुसार, आपका सही टारगेट लेवल आपकी सेहत पर निर्भर करता है:

सामान्य जोखिम (Low Risk): 116 mg/dL से कम

मध्यम जोखिम (Moderate Risk): 100 mg/dL से कम

उच्च जोखिम (High Risk – डायबिटीज या बीपी मरीज): 70 mg/dL से कम

अत्यधिक जोखिम (Very High Risk): 55 mg/dL से कम

डॉक्टर से परामर्श लें

जब भी आप अपनी लिपिड प्रोफाइल रिपोर्ट लें, तो अपने डॉक्टर से अपने पर्सनल कोलेस्ट्रॉल गोल के बारे में जरूर पूछें। सही समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर आप दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।