सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र स्थित पठानडीह धोबहा गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गांव के 17 वर्षीय किशोर शनि गुप्ता की मुंबई में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाने से मौत हो गई। इस दुखद खबर के गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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घटना का विवरण:
पठानडीह धोबहा निवासी गजाधर गुप्ता का तीसरा बेटा शनि गुप्ता (17) पिछले करीब पांच-छह सालों से मुंबई के पड़गा इलाके में काम कर रहा था। वह वहां जगजीवन (पुत्र विश्राम) की पीवीसी (PVC) कंपनी में कार्यरत था।
शनिवार रात करीब 8 बजे शनि ने अपने घर फोन किया था। उसने परिजनों से बात की, उनका हालचाल जाना और सामान्य बातचीत के बाद फोन रख दिया। लेकिन इस बातचीत के महज कुछ ही घंटों बाद परिजनों के पास फिर एक फोन आया। फोन पर बताया गया कि शनि ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
परिजनों ने लगाया अनदेखी का आरोप:
घटना के बाद स्तब्ध परिजनों ने जब कंपनी मालिक जगजीवन से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस बात से परिजनों के मन में घटना को लेकर गहरा संदेह बना हुआ है।
मुंबई पहुंचे रिश्तेदार, पोस्टमार्टम के बाद शव रवाना
हादसे की सूचना मिलते ही गांव के लोग और रिश्तेदार तुरंत मुंबई के लिए रवाना हो गए। वहां पहुंचकर उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और शव का पोस्टमार्टम कराया।
इसके बाद परिजन पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए अपने पैतृक गांव पठानडीह धोबहा लेकर निकल चुके हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक शनि गुप्ता के पिता गजाधर गुप्ता मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
उनके चार बेटे और एक बेटी है।
- ओमकार गुप्ता (40 वर्ष): सबसे बड़ा भाई, जो दिव्यांग है।
- सूरज गुप्ता (27 वर्ष): दूसरा भाई।
- शनि गुप्ता (17 वर्ष): मृतक।
- प्रेम गुप्ता (12 वर्ष): सबसे छोटा भाई।
- ईशा गुप्ता (15 वर्ष): बहन।
कम उम्र में ही परिवार का आर्थिक सहारा बने नाबालिग बेटे की इस तरह अचानक हुई मौत से माता-पिता और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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