विटामिन बी12 टैबलेट को ज्यादा लिया तो होगा नुकसान, देखें कितने दिन लेना है सेफ?

हेल्थ डेस्क। हाथ-पैर में दर्द, झनझनाहट और अचानक से कमजोरी महसूस होना शरीर में विटामिन बी12 (Vitamin B12) की कमी का एक बड़ा संकेत हो सकता है। हमारे शरीर के लिए यह एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण, डीएनए संश्लेषण (DNA Synthesis) और नर्वस सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने में मुख्य भूमिका निभाता है। जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो व्यक्ति मेगालोब्लास्टिक एनीमिया का शिकार हो जाता है, जिससे लगातार थकान महसूस होती है। समय पर ध्यान न देने पर यह समस्या न्यूरोलॉजिकल विकारों का रूप ले सकती है।

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ऐसे में डॉक्टर मरीजों को बी12 सप्लीमेंट्स या टैबलेट लेने की सलाह देते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि विटामिन बी12 की गोलियों का सेवन कितने दिनों तक करना सुरक्षित है और क्या इसकी समय सीमा हर व्यक्ति के लिए अलग होती है?

विटामिन बी12 कितने समय तक लेना सुरक्षित है?

विटामिन बी12 के इलाज की अवधि हर व्यक्ति के शरीर में इसकी कमी के कारण पर निर्भर करती है।

इसका कोई एक निश्चित समय तय नहीं किया जा सकता।

  • डाइट में कमी होने पर:
  • अगर आपके शरीर में बी12 की कमी केवल खान-पान की गलत आदतों के कारण हुई है, तो डाइट में सुधार और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई सीमित अवधि के सप्लीमेंट्स से यह समस्या दूर हो जाती है।
  • अवशोषण (Absorption) की समस्या होने पर:
  • कुछ लोगों का शरीर भोजन या टैबलेट से बी12 को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता।
  • एनआईएच (NIH) के अनुसार, ऑटोइम्यून गैस्ट्रिक, टोटल गैस्ट्रेक्टॉमी या आंतों से जुड़ी सर्जरी जैसी स्थितियों में मरीज को जीवनभर बी12 सप्लीमेंट्स लेने पड़ सकते हैं।

इसलिए यह कहना गलत होगा कि “बी12 केवल तीन महीने ही लेना चाहिए” या “इसे हमेशा खाते रहना सुरक्षित है।”

दोनों ही बातें हर मरीज पर अलग-अलग तरह से लागू होती हैं।

बी12 की खुराक किस आधार पर तय होती है?

विटामिन बी12 की खुराक केवल आपकी उम्र या थकान के आधार पर तय नहीं की जाती।

डॉक्टर मरीज की ब्लड रिपोर्ट देखकर निम्नलिखित बातों का ध्यान रखते हैं:

  1. कमी का स्तर:
  2. शरीर में बी12 का स्तर कितना गिर चुका है।
  3. न्यूरोलॉजिकल लक्षण:
  4. क्या मरीज को नसों में झनझनाहट या सुन्नता जैसी गंभीर समस्याएं हो रही हैं।
  5. इलाज का तरीका:
  6. यदि अवशोषण में समस्या है, तो ओरल टैबलेट के बजाय हाई डोज या इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है। एनसीबीआई (NCBI) के अनुसार, ओरल ट्रीटमेंट के दौरान कम से कम 1 mg/day की खुराक पर विचार किया जाता है।

ज्यादा विटामिन बी12 लेने के नुकसान और साइड इफेक्ट्स

विटामिन बी12 को आमतौर पर लो टॉक्सिसिटी (कम जहरीला) वाला विटामिन माना जाता है। शरीर में जरूरत से ज्यादा बी12 होने की स्थिति को हाइपरकोबालामिनमिया (Hypercobalaminemia) कहा जाता है।

क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, बी12 की कोई सख्त अपर इंटेक लिमिट (Upper Intake Limit) नहीं है और यह ज्यादातर हानिरहित होता है। हालांकि, कुछ मामलों में अत्यधिक मात्रा लेने पर ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • सिरदर्द और घबराहट (Anxiety)
  • नींद न आने की समस्या
  • दिल की धड़कन (Heart Beat) तेज होना

विटामिन बी12 हमारी नसों और रेड ब्लड सेल्स के लिए अति आवश्यक है। इसकी टॉक्सिटी भले ही कम हो, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक खुद से दवाइयां लेना सही नहीं है। अपनी रिपोर्ट के आधार पर सही खुराक जानने के लिए हमेशा स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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