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Friday, April 10, 2026

इंजीनियर से नेता कैसे बने नीतीश कुमार, पढ़ें राज्यसभा सांसद की पूरी कहानी

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने राज्यसभा की शपथ ले ली है। अब नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बन चुके हैं। नीतीश कुमार समाजवादी राजनीति करने वाले नेता माने जाते हैं। आज हम बात करेंगे नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर पर। अपने राजनीति के शुरुआती दिनों में वह राम मनोहर लोहिया, एसएन सिन्हा, कर्पूरी ठाकुर और वीपी सिंह के साथ जुड़े रहे।

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नीतीश कुमार ने 1974 और 1977 के बीच जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में हिस्सा लिया और सत्येंद्र नारायण सिन्हा की अध्यक्षता वाली जनता पार्टी में शामिल हो गए। नीतीश कुमार ने साल 1985 में हरनौत से राज्य विधानसभा के लिए चुनाव लड़ा और पहली बार जीता। शुरुआती वर्षों में लालू प्रसाद यादव को वर्ष 1989 में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कुमार का समर्थन प्राप्त था, लेकिन बाद में नीतीश कुमार ने बाढ़ से अपनी पहली लोकसभा सीट जीतने के बाद 1996 में बीजेपी के प्रति अपनी निष्ठा बदल ली।

जनता दल अतीत में विभाजन से बच गया था जब कुमार और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे नेताओं ने 1994 में समता पार्टी का गठन किया था लेकिन 1997 में लालू प्रसाद यादव के राष्ट्रीय जनता दल बनाने के फैसले के बाद यह एक आधारहीन पार्टी बन गई। दूसरा विभाजन राबड़ी देवी के सत्ता में आने से पहले हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप जनता दल में केवल दो नेता ही बचे थे। जिनमें शरद यादव और रामविलास पासवान थे।

साल 2000 में वह फिर से केन्द्रीय मंत्रीमंडल में कृषि मंत्री बने। मई 2001 2004 तक नीतीश कुमार बाजपेयी सरकार में केन्द्रीय रेल मंत्री रहे। 2004 के लोकसभा चुनावों में नीतीश ने बाढ़ और नालंदा से अपना पर्चा दाखिल किया लेकिन वे बाढ़ की सीट हार गये थे।

Tag: #nextindiatimes #NitishKumar #Bihar #RajyaSabha

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