एंटरटेनमेंट डेस्क। हिंदी सिनेमा में लता मंगेशकर वो सिंगर रही हैं, जिन्होंने कई यादगार गाने गाए हैं। लता मंगेशकर के सुरों के तोहफे अनमोल हैं। कभी उनके गानों में हंसी-ठिठोली दिखी, तो कभी उन्होंने अपने गानों से प्रेम का असली मतलब सिखाया तो कभी उनके गाने जीवन का सबक बनकर गए। आज हम आपको लता मंगेशकर के उस गाने की कहानी बताएंगे जिसने ना जाने कितने लोगों की जान बचाई।
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लता मंगेशकर के गानों को सुनने के बाद लोगों को ऐसा भी सुकून मिला है कि कईयों ने अपनी जिंदगी को खत्म होने से बचाया। दरअसल 1968 में एक फिल्म आई थी। फिल्म का नाम था ‘सरस्वतीचंद्र’ (Sarswatichandra)। इस फिल्म में एक ऐसा गाना था, जिसने कई लोगों की जान बचाई। इस गाने नाम था “छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए, यह मुनासिब नहीं आदमी के लिए…”।

इस गाने को लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने आवाज दी थी। गाने का संगीत तैयार किया आनंदजी-कल्याणजी ने और इस गाने के लिरिक्स लिखे थे इंदिवर ने। इस गाने को फिल्म के लीड स्टार्स नूतन (Nutan) और मनीष पर फिल्माया गया था। अब सवाल ये है कि आखिर इस गाने ने कैसे दिल टूटे आशिकों की जान बचाई।
बता दें कि फिल्म सरस्वतीचंद्र एक आदर्शवादी युवा सरस्वतीचंद्र की कहानी है, जो अपनी मंगेतर कुमुद से शादी करने से इनकार कर देता है लेकिन बाद में पत्रों के माध्यम से उसे प्यार करने लगता है। नियति उन्हें अलग कर देती है और कुमुद की शादी किसी और से हो जाती है, जिससे एक दुखी प्रेम कहानी बनती है। इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ छायांकन (Cinematography) और कला निर्देशन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते थे।
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