डेस्क। अमेरिका और इजराइल के बीच के संघर्ष ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है, अब भारतीय रसोई के बजट पर भी सीधा असर डालने लगा है। वैश्विक स्तर पर गैस सप्लाई चेन बाधित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि रसोई के लिए कौन सा विकल्प सबसे सुरक्षित और किफायती है एलपीजी (LPG) सिलेंडर या फिर पाइप वाली पीएनजी (PNG) गैस?
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कीमत की बात करें तो पीएनजी (PNG) को आमतौर पर एलपीजी के मुकाबले 20% से 30% तक सस्ता माना जाता है। इसके पीछे मुख्य कारण इसकी मापन प्रक्रिया है। एलपीजी सिलेंडर में आप एक मुश्त पैसा देते हैं और सिलेंडर में कितनी गैस बची है, इसका सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कई बार सिलेंडर के नीचे कुछ गैस बची रह जाती है जो बर्बाद चली जाती है।पीएनजी में बिजली के मीटर की तरह ही मीटर लगा होता है।

आप महीने भर में जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, आपको केवल उतने ही यूनिट्स का पैसा देना होता है। चूंकि इसमें सिलेंडर की ट्रांसपोर्टेशन और रिफिलिंग की लागत नहीं जुड़ी होती, इसलिए यह लंबी अवधि में ज्यादा बचत कराती है। नया कनेक्शन लेने के मामले में एलपीजी शुरुआती तौर पर थोड़ा सस्ता पड़ सकता है। एक नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आपको लगभग 3,000 से 4,500 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
इसमें रेगुलेटर, पाइप, सुरक्षा डिपॉजिट और नीली किताब (Blue Book) का खर्च शामिल होता है। वहीं, पीएनजी कनेक्शन लेने का शुरुआती खर्च थोड़ा ज्यादा होता है। अलग-अलग शहरों और गैस कंपनियों के हिसाब से इसका शुरुआती रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी डिपॉजिट 5,000 से 7,000 रुपये के बीच हो सकता है।
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