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Wednesday, March 18, 2026

पति की हत्या के बाद कैसे बनी आयरन लेडी, पढ़ें खालिदा जिया की कहानी

ढ़ाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं। उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने कहा कि खालिदा का निधन 30 दिसंबर को सुबह 6 बजे ढाका के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ है। वह किडनी और हृदय रोग के साथ-साथ निमोनिया के संक्रमण से जुझ रहीं थीं।

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खालिदा का जन्म 1945 में जलपाईगुड़ी (अब भारत के पश्चिम बंगाल) में हुआ था। उन्होंने शुरू में दिनाजपुर मिशनरी स्कूल में पढ़ाई की और बाद में 1960 में दिनाजपुर गर्ल्स स्कूल से मैट्रिक किया। खालिदा के पिता इस्कंदर मजूमदार बिजनेसमैन थे और मां तैयबा मजूमदार हाउसवाइफ थीं। 1960 में उनकी शादी जिया उर रहमान से हुई। वह उस समय पाकिस्तान आर्मी में कैप्टन थे और उन्होंने 1965 तक दिनाजपुर के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखी, जब वह अपने पति के साथ रहने के लिए पश्चिमी पाकिस्तान चली गईं।

जब 1971 में मुक्ति संग्राम शुरू हुआ, तो जिया उर रहमान ने पाकिस्तानी आर्मी से बगावत किया और जंग में हिस्सा लिया। जिया उर रहमान कहा करते थे कि वह एक शर्मिली हाउसवाइफ हैं जो अपने दोनों बच्चों के लिए समर्पित हैं। लेकिन 30 मई, 1981 को जियाउर रहमान की हत्या के बाद, BNP एक गंभीर संकट में फंस गई।

इस मुश्किल समय में, खालिदा जिया ने राजनीति में पैर रखा। वह पार्टी में शामिल हुईं और 12 जनवरी, 1984 को इसकी वाइस-प्रेसिडेंट बनीं। उन्हें 10 मई, 1984 को BNP का चेयरपर्सन चुना गया। खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं हैं। 20 मार्च 1991 को उन्होंने पहली बार पीएम पद की शपथ ली। इसके बाद 1996 में वह दोबारा प्रधानमंत्री बनीं।

Tag: #nextindiatimes #KhaledaZia #Bangladesh #ZiaurRahman

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