डेस्क। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर कोचिंग के आर्थिक बोझ को कम करने के मकसद से एक बड़ी पहल की घोषणा की है। उन्होंने यह कहा कि सरकार भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और काबिल शिक्षकों को एक साथ लाकर अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देगी।
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इस घोषणा के बाद भारत के कोचिंग और एडटेक उद्योग के आर्थिक ढांचे में काफी बदलाव आ सकता है। खासकर उन ऑनलाइन कोर्स के लिए जो अभी सस्ते सब्सक्रिप्शन मॉडल पर निर्भर हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत का कुल कोचिंग और टेस्ट तैयारी मार्केट लगभग $7.2 बिलियन, यानी करीब ₹58,400 करोड़ से ₹60,000 करोड़ का था। इस मार्केट के और बढ़ने की उम्मीद है। IMARC ग्रुप के अनुमानों के मुताबिक इसकी सालाना कंपाउंड ग्रोथ रेट 10.29% रहने की उम्मीद है। इससे 2023 तक यह उद्योग लगभग 17.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इस बड़े मार्केट में ऑनलाइन कोचिंग का हिस्सा काफी जरूरी बन गया है। ऑनलाइन कोचिंग मार्केट का अनुमान लगभग ₹4,200 करोड़ है और बताया जाता है कि यह सालाना लगभग 15.89% की दर से बढ़ रहा है।
ये होगा असर:
पीएम मोदी की घोषणा का सबसे बड़ा असर छोटे और मध्य आकर के ऑनलाइन कोचिंग प्रोवाइडर्स पर पड़ सकता है। कई प्लेटफार्म अभी एसएससी, बैंकिंग और रेलवे भर्ती जैसी परीक्षाओं के लिए रिकॉर्ड कोर्स काफी कम कीमत पर बेचते हैं, जो अक्सर ₹499 से ₹2000 तक के बीच होते हैं।

अगर सरकार मुफ्त में वैसा ही कंटेंट, टेस्ट की तैयारी और अनुभवी फैकल्टी उपलब्ध कराती है तो छात्र बेसिक रिकॉर्डेड कोर्स के लिए पैसे खर्च करने में कम दिलचस्पी दिखा सकते हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा प्राइवेट एडटेक सेक्टर खत्म हो जाएगा। कंपनियां हाइब्रिड एजुकेशन की तरफ बढ़ सकती है। इसमें मुफ्त डिजिटल लेक्चर के साथ पेड मेंटरशिप, डाउट सॉल्विंग, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, ऑफलाइन क्लास और एडवांस्ड एसेसमेंट टूल शामिल हो सकते हैं।
इसके नतीजे ऑनलाइन एजुकेशन से आगे भी जा सकते हैं। अगर छोटे शहरों और गांव के छात्र घर बैठे अच्छी तरह से तैयारी कर सकते हैं तो कोचिंग हब में जाने की मांग धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसका असर कोचिंग इकोसिस्टम से जुड़े व्यवसायों पर पड़ सकता है। इसमें कोटा और दिल्ली जैसे शहरों में हॉस्टल, पेइंग गेस्ट अकोमोडेशन, मेस, ट्रांसपोर्ट सर्विस और छात्रों से जुड़े दूसरे व्यवसाय शामिल हैं।
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