एंटरटेनमेंट डेस्क। मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता आज दुनिया का सबसे बड़ा ब्यूटी पेजेंट माना जाता है, जिसका इंतजार लोग हर साल काफी बेसब्री से करते हैं। हर किसी की निगाह इस प्रतियोगिता पर टिकी रहती है कि इस साल ब्रह्मांड सुंदरी का ताज किसके सिर सजेगा, लेकिन क्या आप जानते हैं इस प्रतियोगिता की शुरुआत ग्लैमर या ब्यूटी से जोड़कर नहीं हुई थी?
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साल 1951 में मिस अमेरिका प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसकी विजेता योलांडे बेटबेझ थीं। इसके बाद योलांडे को एक स्विमसूट के प्रमोशन के लिए फोटोशूट करवाना था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनके इस इंकार से प्रतियोगिता की मुख्य स्पॉन्सर कैटालिना स्विमवियर नाम की कंपनी नाराज हो गई और उन्होंने मिस अमेरिका प्रतियोगिता से अपनी दूरी बना ली।
इस विवाद के कारण कुछ नए ब्यूटी पेजेंट्स, जैसे मिस यूएसए और मिस यूनिवर्स जैसे नेशनल और इंटरनेशन कॉन्टेस्ट्स की शुरुआत हुई। इन पेजेंट्स को कई बड़ी कंपनियों ने स्पॉन्सर किया और इन्हें एक बड़े प्रमोशनल इवेंट की तरह आगे बढ़ाने में यूनिवर्सल पिक्चर्स और पैन अमेरिका एयरवेज जैसी बड़ी कंपनियों ने काफी अहम भूमिका निभाई।

मिस यूनिवर्स (Miss Universe) प्रतियोगिता को एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्टेस्ट की तरह 1952 में पेश किया गया। इसका आयोजन अमेरिका के लॉन्ग बीच पर किया गया था और मिस यूनिवर्स और मिस यूएसए पेजेंट एक साथ ही आयोजित किए गए थे। इस पहली प्रतियोगिता में भारत समेत 29 देशों ने हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में भारत का नेतृत्व मशहूर शास्त्रीय नृत्यांगना इंद्राणी रहमान ने किया था। साल 1952 में दुनिया को उसकी पहली मिस यूनिवर्स मिली। ब्रह्मांड सुंदरी का ये ताज फिनलैंड की 17 साल की अरमी कूसेला के सिर सजा था।
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