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https://nextindiatimes.comश्वेता सिंह Next India Times की वरिष्ठ पत्रकार और कंटेंट एडिटर हैं। पत्रकारिता में 5+ वर्षों के अनुभव के साथ वे राजनीति, अपराध, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग करती हैं।उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार की ज़मीनी खबरों को हिंदी पाठकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी रिपोर्टिंग सटीकता, निष्पक्षता और पाठक-केंद्रित भाषा के लिए जानी जाती है।E-Mail-shweta.singh@nextindiatimes.com
‘रेड लाइट थेरेपी’ है बेहद कमाल; नसों के दर्द और बाल झड़ने तक का हो जाता है इलाज
लाइफस्टाइल डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सूरज की रोशनी से दूर होते जा रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि...
साझा संपत्ति के जरिए इन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, पढ़ें अपना राशिफल
मेष: आज सुबह चंद्रदेव आपके चौथे भाव (सुख और माता का क्षेत्र) में रहेंगे, जिससे आपका ध्यान पारिवारिक सुरक्षा पर रहेगा। दोपहर होते ही...
OTT पर गदर काट रही यह धांसू सीरीज, एक-एक सीन है सस्पेंस और मिस्ट्री से भरा
एंटरटेनमेंट डेस्क। इन दिनों नेटफ्लिक्स पर जहां रानी मुखर्जी की फिल्म 'मर्दानी 3' राज कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी धांसू...
प्रियंका चोपड़ा, काजल अग्रवाल और…, इन अभिनेत्रियों ने कई फिल्म इंडस्ट्रीज में कमाया नाम
एंटरटेनमेंट डेस्क। भारत में कई ऐसी अभिनेत्रियां भी हैं जिन्होंने अपनी मातृ भाषा के अलावा कई दूसरी भाषाओं में काम करके नाम कमाया है।...
ईरान की डांसिंग मिसाइल है कितनी खतरनाक, जानें कितनी दूर तक कर सकती है हमला
डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कथित तौर पर अपनी सबसे एडवांस्ड बैलिस्टिक मिसाइल में से एक को पहली बार...
नकली Engine Oil से खराब हो सकती है गाड़ी, ऐसे पहचानें असली-नकली का फर्क
ऑटो डेस्क। आजकल बाजार में नकली इंजन ऑयल का काला धंधा खूब चल रहा है। इसे बनाने में बहुत ही घटिया तेल और रद्दी...
कानपुर की गलियों से शुरू हुआ था JK Group, विजयपत सिंघानिया ने ऐसे दिलाई थी दुनिया में पहचान
कानपुर। रेमंड ग्रुप (Raymond Group) के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया (Vijaypat Singhania Died) का 87 वर्ष की आयु में...
क्या है वामपंथ और दक्षिणपंथ, दुनिया में कैसे फैला यह कॉन्सेप्ट; बड़ी दिलचस्प है कहानी
नई दिल्ली। आज लेफ्ट (वामपंथ) और राइट (दक्षिणपंथ) शब्द हम अक्सर राजनीति में सुनते हैं। भारत में जहां मार्क्सवादी सोच वाली पार्टियों को वामपंथी...




