मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) एशिया के सबसे अमीर शख्स हैं। उन्होंने एक बार अपनी लीडरशिप फिलॉसफी से जुड़ी अहम बातें साझा की थीं। उन्होंने बताया था कि उनके पिता, धीरूभाई अंबानी का उन पर स्थायी प्रभाव था।
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मुकेश अंबानी के मुताबिक सबसे ज्यादा असरदार बातों में से एक धीरूभाई अंबानी की यह सलाह थी कि “अगर आप अरबपति बनने के लिए कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आप बेवकूफ हैं; आप कभी वहाँ तक नहीं पहुँच पाएँगे। अगर आप एक अरब लोगों पर असर डालने के लिए कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आपके सफल होने की अच्छी संभावना है, और इसके साथ-साथ, आप ठीक-ठाक पैसे भी कमा सकते हैं।”

पिता की सलाह का एक सबसे खास उदाहरण है Reliance Jio, जो इस ग्रुप का टेलीकॉम वेंचर है और 2016 में लॉन्च हुआ था। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट में $25 बिलियन से ज्यादा का निवेश किया। यह उस समय के हिसाब से एक बहुत ही बड़ा कदम था, जब बाजार में बहुत अधिक मुकाबला था और कीमतें बहुत मायने रखती थीं।
बता दें कि रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी ने 1960 में बहुत ही सीमित संसाधनों के साथ अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। वे यमन में एक गैस स्टेशन अटेंडेंट के तौर पर काम करने के बाद भारत लौटे थे। उन्होंने अपनी $100 की बचत को उस उद्यम को खड़ा करने में निवेश किया, जो आगे चलकर भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनियों में से एक बन गया। मुकेश अंबानी के अनुसार उनके पिता ने पॉलिएस्टर का बिजनेस शुरू करने का फ़ैसला किया… और फिर रिकॉर्ड समय में एक ग्रीनफील्ड पॉलिएस्टर फैक्ट्री लगाई, जो भारत में अपनी तरह की सबसे बडी फैक्ट्री थी।
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