नई दिल्ली। राहुल गांधी से जुड़ा दोहरी नागरिकता का मामला एक बार फिर चर्चा में है। कोर्ट ने साफ कहा है कि इन आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इनकी गंभीरता से जांच करनी होगी। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह या तो खुद इस मामले की जांच करे या किसी केंद्रीय एजेंसी से इसकी जांच करवाए।
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भारतीय कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक ही समय में दो पासपोर्ट या दोहरी नागरिकता नहीं रख सकता। भारत में Citizenship Act 1955 के तहत किसी को भी दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता लेता है तो उसे भारत की नागरिकता छोड़नी पड़ेगी।इसी तरह Passport Act 1967 के अनुसार एक व्यक्ति के पास एक समय में केवल एक ही पासपोर्ट होना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति दूसरा पासपोर्ट बनवाता है या गलत जानकारी देकर उसे छिपाता है तो यह कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामले में सरकार पासपोर्ट तो रद्द करेगी ही; साथ ही साथ कानूनी कार्यवाही भी करेगी।अगर इस मामले में लगाए गए आरोप सही साबित हो जाते हैं तो यह कई अलग-अलग कानूनों के तहत गंभीर अपराध माना जा सकता है।
साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत भी कई धाराएं लगाई जा सकती हैं, यदि आरोप सिद्ध होते हैं, जिनमें गलत जानकारी देना या नियमों का उल्लंघन करना दंडनीय होता है। इस तरह के मामलों में जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। अलग-अलग धाराओं के अनुसार सजा की अवधि 7 वर्ष या उससे भी ज्यादा हो सकती है। अगर जांच में यह भी साबित होता है कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है तो सजा और भी सख्त हो सकती है।
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