डेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की वजह से वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच भारतीय उपभोक्ताओं को अब एक और झटका लगा है। दरअसल पेट्रोल की कीमत बढ़ गई हैं। 20 मार्च 2026 से तेल कंपनियों ने Premium Petrol की कीमतों में लगभग ₹2.09 से ₹2.35 की बढ़ोतरी की है। इससे एक आम सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रीमियम पैट्रोल रेगुलर पेट्रोल से किस तरह अलग होता है?
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प्रीमियम पेट्रोल और नॉर्मल पेट्रोल में फर्क यह है कि प्रीमियम पेट्रोल हाई-ऑक्टेन होता है, जिससे इंजन बेहतर चलता है। नॉकिंग कम होती है और इंजन साफ रहता है। यह खासकर हाई-परफॉर्मेंस इंजन के लिए सही माना जाता है। वहीं सामान्य पेट्रोल का ऑक्टेन कम होता है और यह रोजमर्रा के ज्यादातर वाहनों के लिए ठीक रहता है। यह सस्ता भी होता है, इसलिए ज्यादातर लोग इसी का इस्तेमाल करते हैं।

पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर यह बताता है कि फ्यूल इंजन में जलते समय नॉकिंग (खटखट की आवाज) को कितना रोक सकता है। जितना ज्यादा ऑक्टेन नंबर होगा, उतना ही पेट्रोल ज्यादा दबाव सहन कर सकता है और सही समय पर जलता है। यह खासकर हाई परफॉर्मेंस या टर्बो इंजन वाली गाड़ियों के लिए जरूरी होता है।
पेट्रोल से इंजन की परफॉर्मेंस और उसकी लाइफ पर असर पड़ता है। आपकी गाड़ी में कौन सा पेट्रोल डालना चाहिए, यह उसके इंजन के डिजाइन और कंप्रेशन पर निर्भर करता है। ज्यादातर सामान्य गाड़ियों के लिए रेगुलर पेट्रोल ही सही रहता है लेकिन अगर आपकी गाड़ी हाई परफॉर्मेंस या टर्बो इंजन वाली है तो उसमें प्रीमियम पेट्रोल डालना बेहतर होता है। कार की मैन्युअल पर लिखा रहता है कि कौन सा पेट्रोल सही रहेगा।
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