नई दिल्ली। बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की आज यानी 20 जनवरी 2026 को ताजपोशी होनी है। सोमवार को उन्होंने नामांकन दाखिल किया था और निर्विरोध चुने गए थे। थोड़ी देर बाद ही बीजेपी उन्हें आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करेगी। इसके साथ ही Nitin Nabin बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे।
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गौरतलब है कि पिछले साल नितिन नवीन को पार्टी ने कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था। साल 2019 में पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष पद का सृजन हुआ। नितिन बिहार के बांकीपुर सीट से विधायक हैं। बीजेपी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्षों का होता है। हालांकि इस अवधि को संसदीय बोर्ड बढ़ा भी सकता है।
1980 में जनसंघ के बाद उभरी भाजपा में 11 राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और सभी निर्विरोध चुने गए। आपातकाल के बाद की राजनीतिक उथल-पुथल में अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, नानाजी देशमुख, के.आर. मल्कानी, सिकंदर बख्त, विजय कुमार मल्होत्रा, विजयराजे सिंधिया, भैरौं सिंह शेखावत, शांता कुमार, राम जेठमलानी और जगन्नाथराव जोशी ने भाजपा की नींव रखी थी।

तब जनता पार्टी का प्रयोग विफल हो चुका था और वाजपेयी ने पार्टी को एक उदार हिंदुत्व वाली राष्ट्रीय शक्ति बनाने का सपना देखा था। उनका कार्यकाल (1980-1986) पार्टी की आधारशिला था। अटल बिहारी वाजपेयी के बाद बीजेपी की कमान लाल कृष्ण आडवाणी ने संभाली। लाल कृष्ण आडवाणी तीन बार (1986-1990, 1993-1998, 2004-2005) पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। हालांकि 2005 में आडवाणी ने पाकिस्तान में जिन्ना को ‘धर्मनिरपेक्ष’ कहा था। इसके बाद पार्टी में इतना बवाल मच गया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। आडवाणी के बाद डॉ. मुरली मनोहर जोशी (1991-1993) ने पार्टी की कमान संभाली थी। तब राम मंदिर आंदोलन चरम पर था।
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