नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करने वाले हैं। ऐसे संबोधन अक्सर बड़े मौके पर होते हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि सीधे लोगों से बात करने से पहले प्रधानमंत्री (Prime Minister) सबसे पहले किसे जानकारी देते हैं?
यह भी पढ़ें-पीएम मोदी के कितने हैं भाई-बहन, जानें परिवार में कौन-कौन क्या करता है?
तय प्रोटोकॉल के मुताबिक देश को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री सबसे पहले भारत के राष्ट्रपति को जानकारी देते हैं। मुद्दे की अहमियत के आधार पर प्रधानमंत्री कैबिनेट या फिर मंत्रिपरिषद के जरूरी सदस्यों से परामर्श कर सकते हैं।इससे यह पक्का होता है कि दिया जा रहा संदेश किसी एक व्यक्ति की राय के बजाय सरकार के सामूहिक रुख को दर्शाता हो। संवेदनशील या फिर काफी अहम संबोधन के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा, गृह मामले या फिर स्वास्थ्य जैसे संबंधित मंत्रालयों से सुझाव लिए जाते हैं।

भले ही परामर्श होते हैं लेकिन संबोधन की बातें आधिकारिक प्रसारण होने तक पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती हैं। इससे प्रधानमंत्री के औपचारिक रूप से देश से बात करने से पहले किसी भी तरह की जानकारी लीक होने, अटकलों या फिर गलत जानकारी फैलने से बचा जा सकता है। एक बार संबोधन तय हो जाने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय सूचना और प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को जानकारी देता है।
इसके बाद दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो जैसे मंचों के जरिए तकनीक इंतजाम किए जाते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पूरे देश में बिना किसी रूकावट के प्रसारण हो सके। अगर कोई पहले से तय भाषण हो या फिर युद्ध, महामारी या फिर आपदा जैसी स्थितियों में कोई जरूरी संबोधन हो, तब भी प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्रपति को ही जानकारी देने के प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।
Tag: #nextindiatimes #PMModi #WomenReservationBill




