लाइफस्टाइल डेस्क। आजकल अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स, जैसे- पैकेट बंद स्नैक्स, कोल्ड ड्रिंक्स और रेडी-टू-ईट मील हमारी थाली का अहम हिस्सा बन चुके हैं।लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वाद का यह चस्का केवल मोटापे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुरुषों की Fertility को भी सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है?
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हाल ही में हुए एक शोध ने इस विषय पर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस अध्ययन की खास बात यह थी कि इसमें 831 महिलाओं और 651 पुरुषों को शामिल किया गया, ताकि यह समझा जा सके कि गर्भधारण से पहले माता-पिता की डाइट का आने वाले बच्चे और फर्टिलिटी पर क्या असर पड़ता है।अध्ययन में पाया गया कि औसतन महिलाओं के कुल खान-पान में 22 प्रतिशत हिस्सा अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का था, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा थोड़ा ज्यादा यानी 25 प्रतिशत पाया गया।

इस रिसर्च के सबसे चिंताजनक परिणाम पुरुषों से जुड़े हुए थे। आंकड़ों से पता चला कि जो पुरुष ज्यादा मात्रा में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खा रहे थे, उनमें सबफर्टिलिटी का जोखिम काफी बढ़ा हुआ पाया गया। सबफर्टिलिटी का मतलब है कि पुरुष की फर्टिलिटी सामान्य से कम हो जाती है, जिसके कारण पार्टनर को गर्भधारण करने में सामान्य से काफी ज्यादा समय लगता है। यानी खराब खान-पान सीधे तौर पर पुरुषों के पिता बनने की संभावनाओं को कम कर रहा है और गर्भधारण की प्रक्रिया को मुश्किल बना रहा है।
हालांकि अध्ययन में यह देखा गया कि महिलाओं के अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से गर्भधारण की संभावना पर कोई सीधा नकारात्मक असर नहीं पड़ा, लेकिन इसका प्रभाव होने वाले बच्चे के शुरुआती विकास पर जरूर दिखा। शोध के अनुसार जो महिलाएं इस तरह का खाना ज्यादा मात्रा में खा रही थीं, उनके भ्रूण का शुरुआती विकास प्रभावित हुआ।
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