मुंबई। 2008 मुंबई हमलों (Mumbai attack) के दोषी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) के भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दी। तहव्वुर ने भारत (India) आने से बचने के लिए याचिका दायर की थी। इसमें उसने कहा था कि पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम होने की वजह से उसे भारत में प्रताड़ित किया जाएगा।
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हालांकि तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) ने भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका शीर्ष अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स के समक्ष एक नई अर्जी दाखिल की है। पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक 64 वर्षीय राणा वर्तमान में लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद है।
अपनी इमरजेंसी याचिका में राणा (Tahawwur Rana) ने 13 फरवरी की याचिका के गुण-दोष के आधार पर अपने प्रत्यर्पण और मुकदमा लंबित रहने तक भारत के समक्ष आत्मसमर्पण करने पर रोक लगाने की मांग की थी। उस याचिका में राणा ने तर्क दिया था कि भारत को उसका प्रत्यर्पण अमेरिकी कानून और यातना के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का उल्लंघन है।

64 साल का तहव्वुर हुसैन राणा (Tahawwur Rana) पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। उस पर पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली की मदद करने का आरोप है। हेडली 26/11 मुंबई हमलों (Mumbai attack) के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। तहव्वुर हुसैन पाकिस्तानी सेना में डॉक्टर के तौर पर काम करता था। इसके बाद वह 1997 में कनाडा चला गया और वहां इमिग्रेशन सर्विसेस देने वाले बिजनेसमैन के तौर पर काम शुरू किया।
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