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Thursday, February 22, 2024

कासगंज: सीमा पर शहीद मृतक का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, नम हुई आंखे

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कासगंज। असम के गुवाहाटी में सीमा पर फायरिंग (firing) में गोली लगने से घायल हुए कासगंज (Kasganj) के सैनिक (soldier) की इलाज़ के दौरान मौत हो गई। आज सैनिक (soldier) के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ कासगंज के उनके पैतृक गांव नौरथा (Naurtha) लाया गया, जहां गांव में मृतक सैनिक के शव का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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शहीद सैनिक के बेटे को आगरा आर्मी कैंप बेस के सूबेदार करतार सिंह ने तिरंगा भेंट किया। आपको बता दें मृतक सैनिक (soldier) कासगंज जनपद की कोतवाली कासगंज (Kasganj) क्षेत्र के गांव नौरथा (Naurtha) का रहने वाला था। उनकी उम्र 52 वर्ष थी। मृतक सैनिक (soldier) रमेश चंद्र यादव असम राइफल बटालियन में जूनियर कमीशन अधिकारी के पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती मणिपुर (Manipur) में सीमा पर थी और बीती 24 जनवरी को उनके कैंप पर एक संत्री ने ही खुद जवानो पर फायरिंग कर दी थी, जिससे रमेश चंद्र सहित 6 जवान घायल हो गये थे।

घायल सैनिक (soldier) रमेश चंद्र का इलाज़ सेना के द्वारा कराया जा रहा था। इलाज़ के दौरान गुरुवार को सैनिक ने दम तोड़ दिया था। सैनिक की मौत की खबर सेना कार्यालय से परिवार के लोगों को दी गई। खबर मिलते ही परिवार के लोग रोने लगे और घर में मातम छाया गया l आज सेना (soldier) की टुकड़ी शहीद का शव लेकर कासगंज (Kasganj) के नौरथा (Naurtha) गांव पहुंची। सैनिक (soldier) का शव गांव आते ही सबकी आँखे नम हो गई।

नौरथा गांव में शहीद सैनिक (soldier) के शव को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी देकर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। आपको बता दें मृतक शहीद के घर में उनकी पत्नी कुसमा देवी है और शहीद (soldier) की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी सुदीक्षा है। छोटी बेटी का नाम भूमिका का है। एक बेटा है, जिसका नाम नवनीत है। बच्चे भी पिता की मौत से परेशान हैं।

(रिपोर्ट- विवेक रॉय, कासगंज)

Tag: #nextindiatimes #kasganj #soldier #village

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