हेल्थ डेस्क। डायबिटीज के मरीजों (Diabetic Patients) में हार्ट की बीमारी का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में दो से चार गुना अधिक होता है। इसे समय रहते पहचानने के लिए किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के शोधकर्ताओं ने एक नया बायोमार्कर विकसित किया है, जिसका नाम टाइग इंडेक्स (ट्राइग्लिसराइड ग्लूकोज इंडेक्स) रखा गया है।
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शोध विज्ञानियों ने 175 टाइप 2 डायबिटीज मरीजों पर अध्ययन किया गया। इनमें से 50 मरीजों को पहले ही हार्ट अटैक हुआ था और 125 मरीजों में हार्ट अटैक नहीं हुआ था। जिन मरीजों में टाइग इंडेक्स अधिक मिला, उनमें हार्ट अटैक का जोखिम सामान्य डायबिटीज मरीजों की तुलना में सबसे अधिक था। इनके बाडी मास इंडेक्स, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्राल और यूरिया स्तर भी अधिक थे। अधिक टाइग इंडेक्स हृदय अटैक का सबसे मजबूत जोखिम कारक साबित हुआ।

शोधकर्ताओं के अनुसार, टाइग इंडेक्स एक सरल, सस्ता और भरोसेमंद तरीका है, जो डायबिटीज मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा समय रहते पहचानने में मदद करता है। इसे मरीजों की नियमित जांच में शामिल किया जा सकता है। सर्दी में हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। हार्ट अटैक की आशंका का पता लगा कर पहले से उपाय कर इलाज की दिशा तक की जा सकती है। विशेषज्ञों ने इस मार्कर को रुटीन परीक्षण में शामिल करने की सिफारिश की है।
बता दें ट्राइग्लिसराइड ग्लूकोज इंडेक्स केजीएमयू के शोधकर्ताओं ने विकसित किया है। इसमें मरीज का फास्टिंग ब्लड शुगर और फास्टिंग ट्राइग्लिसराइड मापा जाता है। इसके बाद निर्धारित सूत्र के अनुसार इंडेक्स निकाला जाता है। फिर जो स्तर मिलता है उसे इंडेक्स कहते हैं। यह आसान व किफायती जांच की कीमत 100 रुपये में सभी जगह उपलब्ध है।
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