हेल्थ डेस्क। कोरोना वायरस एक बार फिर से चर्चा में है। हाल ही में कोविड-19 का एक नया वेरिएंट सामने आया है, जिसका नाम BA.3.2 है। आम बोलचाल में वैज्ञानिक इसे ‘सिकाडा’ (Cicada) कह रहे हैं। यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन के एक बहुत पुराने परिवार (BA.3) का हिस्सा है, जो 2022 की शुरुआत में लगभग खत्म हो गया था।
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हालांकि अब लंबे समय बाद यह वेरिएंट अचानक से फिर वापस आ गया है। इसी वजह से इसे सिकाडा नाम दिया गया है, जो एक कीड़ा होता है, जो सालों तक जमीन के नीचे छिपा रहता है और फिर अचानक भी बाहर आता है। इस नए वेरिएंट ने की पहली दस्तक साल 2024 के अंत में दक्षिण अफ्रीका में दी थी, लेकिन अब यह वायरस अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में तेजी से फैल रहा है।

यह हमारी शरीर के इम्यून सिस्टम या वैक्सीन के असर को आसानी से चकमा देकर बच सकता है। इसके लक्षण कोविड के दूसरे लहर के बाद आए ओमिक्रॉन वेरिएंट की तरह ही देखने को मिले हैं। जैसे- गले में तेज खराश इसका सबसे प्रमुख लक्षण है। हल्का बुखार आना और तेज ठंड लगना, सूखी खांसी और थकान, नाक बहना या बंद होना। कुछ मामलों में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे मतली या दस्त भी देखे गए हैं।
अमेरिका में BA.3.2 का पहला मामला 27 जून 2025 को सामने आया था जब सैन फ्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नीदरलैंड से आए एक यात्री के श्वसन सैंपल में इस वेरिएंट की पहचान की गई। इसके बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग और सीवेज के पानी की निगरानी करने वाले नेटवर्क जैसे कई सर्विलांस सिस्टम के जरिए और भी मामले सामने आए हैं।
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