नई दिल्ली। 26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व का दिन होता है। साल 2026 में हम अपना 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) मनाने जा रहे हैं। इस बार का जश्न पिछले सालों से काफी खास होने वाला है। अब कर्तव्य पथ पर न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत दिखेगी, बल्कि ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का उत्सव भी मनाया जाएगा।
यह भी पढ़ें-26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने का है अलग तरीका, जानें अंतर
इस साल भारत ने कूटनीति में एक नया इतिहास रचा है। दरअसल, गणतंत्र दिवस 2026 के लिए एक नहीं, बल्कि दो मुख्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। ये दोनों यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता हैं:- उर्सुला वॉन डेर लेयेन, जो कि यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष हैं और एंटोनियो कोस्टा, जो यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष हैं।
गणतंत्र दिवस की थीम बेहद ऐतिहासिक है। सरकार ने इस वर्ष को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है। पूरे कर्तव्य पथ पर ‘वंदे मातरम’ की झलक दिखेगी। झांकियों से लेकर टिकट्स के डिजाइन तक, हर जगह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत को सम्मान दिया जाएगा। परेड में ‘ड्रोन शक्ति’ और आधुनिक हथियारों के साथ-साथ महिला सैनिकों की भी बड़ी भागीदारी होगी।

इस बार कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर निकलेंगी। इनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों की होंगी। भारतीय सेना इस बार बैक्ट्रियन ऊंट (दो कूबड़ वाले ऊंट), जांस्कर पोनी (लद्दाख के घोड़े) और रैप्टर्स (शिकारी पक्षी) का प्रदर्शन करेगी। इस बार दर्शकों के बैठने की जगहों के नाम ‘VVIP’ या ‘VIP’ नहीं होंगे, बल्कि भारत की नदियों (जैसे गंगा, यमुना, कावेरी) के नाम पर रखे गए हैं। परेड के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को भी एक विशेष ट्रिब्यूट दिया जाएगा।
Tag: #nextindiatimes #RepublicDay2026 #VandeMataram




