30 C
Lucknow
Saturday, July 13, 2024

क्यों होती है महिलाओं में PCOD की समस्या, जानें इसके लक्षण व इलाज

Print Friendly, PDF & Email

डेस्क। आज के समय में व्यस्त जीवन और खराब लाइफस्टाइल (lifestyle) के चलते खुद का ध्यान रख पाना काफी मुश्किल हो गया है। खासकर महिलाओं के लिए जो महिलाएं (women) वर्किंग होती है वो ऑफिस के साथ घर को भी संभालती है लेकिन भागदौड़ के चक्कर में खुद का ध्यान नहीं रख पाती है। बाद में उनकी छोटी-छोटी समस्याएं किसी गंभीर बीमारी (disease) का रुप ले लेती है। इन्ही में से एक है PCOD यानी पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिसीज।

यह भी पढ़ें-टूटते और बेजान बालों से हैं परेशान, तो फॉलो करें ये आसान से टिप्स

चलिए हम आपको बताते है PCOD क्या होता है और इससे बचाव के उपाय क्या हो सकते है। PCOD का मतलब पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिसीज जो आज कल महिलाओं में काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस बीमारी में महिलाओं (women) के शरीर में मेल हार्मोन (hormones) बनना शुरु हो जाते है। जिससे चेहरे पर बालों का निकलना शुरु हो जाता है। ये हार्मोन (hormones) के असंतुलित होने की वजह से होता है। इसमें ओवरी में छोटे- छोटे सिस्ट बन जाते है जो गांठ की तरह दिखाई देते है।

हालांकि बेहतर खान-पान व रोजाना वर्कआउट (workout) करते आप इसे ठीक कर सकते है। लेकिन अगर PCOD का इलाज समय पर नही किया गया तो आगे चलकर महिलाओं (women) को गर्भ धारण करने में कठिनाईं हो सकती है। ये ज्यादातर 14 साल से 45 साल तक की महिलाओं (women) व लड़कियों में देखने को मिलती है।

PCOD के लक्षण:

सभी महिलाओं (women) में PCOD के लक्षण अलग-अलग हो सकते है ये पूरी तरह से उनकी शारिरिक स्थति पर निर्भर करता है।

मुहांसे
बांझपन
वजन बढ़ना
अनियमित पीरियड्स
ज्यादा रक्तस्त्राव होना
चेहरे पर बाल उगना
बालों का पतला होना
नींद न आना
गर्भ धारण में समस्या
पीरियड्स का पूरी तरह से बंद हो जाना

PCOD का इलाज:

PCOD ठीक करना कोई बड़ी बात नहीं है और इसका कोई खास इलाज नही है। आप डाक्टर्स (doctors) से सलाह लेकर भी इसे ठीक कर सकती है, लेकिन उसके साथ बेहद जरुरी है कि आप अपनी लाइफस्टाइल (lifestyle) में चेंजेस करके इसे बैलेंस करें। आपको डेली डायट में हरी सब्जियों (vegetables) का प्रयोग करना चाहिए साथ ही PCOD में एक्सरसाइज करना बेहद फायदेमंद माना जाता है।

Tag: #nextindiatimes #PCOD #women #lifestyle

RELATED ARTICLE