नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके अनुसार नामांकन की प्रक्रिया 19 जनवरी को होगी जबकि 20 जनवरी को आधिकारिक घोषणा की जाएगी। ऐसे में हम आपको यह बताते है कि आखिर बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे चुना जाता है?
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BJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया पूरी तरह पार्टी के आंतरिक संविधान के तहत होती है। इसमें भारत के चुनाव आयोग की कोई सीधी भूमिका नहीं होती है। यह एक संगठनात्मक चुनाव होता है, जिसे पार्टी खुद कराती है। चुनाव आयोग सिर्फ आम चुनावों और संवैधानिक पदों से जुड़े मामलों में दखल देता है, पार्टी के अंदरूनी चुनाव उसके दायरे में नहीं आते हैं।

बीजेपी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए व्यक्ति का कम से कम 15 साल तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य होना जरूरी है। इसके अलावा उसे चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहना होता है। सक्रिय सदस्य वही माना जाता है, जो कम से कम तीन साल से पार्टी से जुड़ा हो और संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेता रहा हो। हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में पार्टी ने अपवाद भी किए हैं, लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्तर पर नियम काफी सख्त माने जाते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही राष्ट्रीय परिषद का गठन होता है। राष्ट्रीय परिषद ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों की राष्ट्रीय परिषद इकाइयों से आना जरूरी होता है। इसके साथ उम्मीदवार की लिखित सहमति भी ली जाती है। आमतौर पर बीजेपी में इस पद के लिए सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की जाती है, ताकि चुनाव औपचारिक और निर्विरोध हो।
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