हेल्थ डेस्क। कई लोग यह समझ नहीं पाते हैं कि कार्डियक अरेस्ट होता क्या है, यह हार्ट अटैक से कैसे अलग है (Cardiac Arrest) और इसके लक्षण कैसे होते हैं। अगर आपको भी इन सवालों के जवाब नहीं मालूम हैं, तो आइए जानें इनके बारे में।
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Cardiac Arrest एक अचानक आने वाली गंभीर स्थिति है, दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। ऐसा तब होता है जब दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी आ जाती है, जिसके कारण दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। इस गड़बड़ी के चलते दिल शरीर के बाकी हिस्सों में ब्लड पंप करना बंद कर देता है। दिमाग, फेफड़े और अन्य अंगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिसके कारण व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है और सांस रुकने लगती है। अगर सही इलाज न मिले, तो कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है।

Cardiac Arrest अचानक और बिना किसी चेतावनी के आता है। अचानक गिर पड़ना और बेहोश हो जाना, सांस का रुक जाना या असामान्य तरीके से चलना, पल्स का न मिलना, दिल की धड़कन का अचानक रुक जाना, बेहोशी से पहले कुछ लोगों को सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, जी मिचलाना, या तेजी से धड़कन जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर मामलों में कोई वॉर्निंग साइन नहीं मिलते।
हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति की दिल तक खून पहुंचाने वाली कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज होने से दिल की मांसपेशियों को खून नहीं मिल पाता और वह डैमेज होने लगती है। हार्ट अटैक आने से पहले सीने में दबाव, दर्द, पसीना आना, सांस फूलना, जबड़े, गर्दन या बाएं हाथ में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जो कुछ मिनट से लेकर घंटों तक रह सकते हैं। आमतौर पर धीरे-धीरे शुरू होते हैं।
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