हेल्थ डेस्क। इन दिनों युवाओं पर बॉडी बनाने का एक अलग ही जूनुन सवार है। परफेक्ट बॉडी पाने के चाहत में सप्लीमेंट फूड का चलन काफी ज्यादा बढ़ चुका है। युवाओं में बॉडी बनाने का ट्रेंड काफी बढ़ चुका है और इसलिए अब वह प्रोटीन के साथ क्रिएटिन सप्लीमेंट लेने लगे हैं।
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क्रिएटिन (Creatine) एक बहुत ही आम तौर पर इस्तेमाल किया जाने वाला सप्लीमेंट है खासकर फिटनेस से जुड़े लोगों के बीच और किडनी के स्वास्थ्य के साथ इसके संबंध को अक्सर गलत समझा जाता है। दरअसल क्रिएटिन एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला यौगिक है, जो मांसपेशियों में जमा होता है और इसका उपयोग तुरंत ऊर्जा (ATP उत्पादन) के लिए किया जाता है। यह एक सप्लीमेंट के रूप में भी उपलब्ध है, आमतौर पर क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट के रूप में।

कई स्टडीज से पता चलता है कि जब इसे बताई गई मात्रा (3–5 g/दिन) में लिया जाता है, तो इससे कोई खास नुकसान नहीं होता। मांसपेशियों में ये क्रिएटिन, क्रिएटिनिन में बदल जाता है, जिसे गुर्दे शरीर से बाहर निकाल देते हैं। इससे सीरम क्रिएटिनिन का लेवल थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गुर्दों को कोई नुकसान हुआ है। यह मात्र क्रिएटिनिन का अधिक उत्पादन है।
कई अलग-अलग अध्ययनों से लगातार ऐसे सबूत मिल रहे हैं कि क्रिएटिन का सेवन कम से कम किडनी के लिए नुकसानदायक नहीं हो सकता है। हालांकि, इन अध्ययनों में 1 हफ्ते से लेकर 1 साल तक के व्यक्तियों का डेटा शामिल है। इसलिए, क्रिएटिन सप्लीमेंट के लंबे समय तक सेवन का क्या असर होता है, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है। ज्यादातर स्वस्थ लोगों के लिए, जब इसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाता है, तो यह सुरक्षित है।
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