26 C
Lucknow
Wednesday, February 11, 2026

ये है जीरो कैलोरी स्वीटनर; जिससे न शुगर बढ़ेगी न वजन, तो अब छोड़ दें सफेद चीनी

लाइफस्टाइल डेस्क। सुबह की चाय और बिस्किट के बिना कई लोग अपने दिन की शुरुआत अधूरी मानते हैं। इसी आदत के चलते हम भारतीय जरूरत से ज्यादा sugar का सेवन कर रहे हैं, जो सेहत के लिए चिंता का विषय है। लेकिन जो लोग मीठा खाना पसंद करते हैं लेकिन सेहत से समझौता नहीं करना चाहते, उनके लिए स्टीविया सबसे अच्छा विकल्प है।

यह भी पढ़ें-ये लोग न खाएं आंवला, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान

स्टीविया में जीरो कैलोरी होती है, इसलिए यह वजन को कंट्रोल करने के लिहाज से भी बेस्ट साबित होता है। सबसे खास बात यह है कि स्टीविया ब्लड शुगर या इंसुलिन के स्तर को नहीं बढ़ाता, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए पूरी तरह सेफ है। चीनी के विपरीत, इसका दांतों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। चूंकि, यह सफेद चीनी से काफी ज्यादा मीठा होता है, इसलिए इसकी बहुत ही कम मात्रा की जरूरत पड़ती है।

स्टीविया एक जीरो-कैलोरी स्वीटनर है। यह दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले पौधे Stevia Rebaudiana की पत्तियों से बनता है। वहां के स्थानीय लोग सदियों से इसका इस्तेमाल चाय और दवाइयों को मीठा करने के लिए करते आ रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दशकों में ही यह सफेद चीनी के एक हेल्दी विकल्प के रूप में पूरी दुनिया में पॉपुलर हुआ है।

WHO का सुझाव है कि इसे 5% (लगभग 25 ग्राम या 6 चम्मच प्रतिदिन) से भी नीचे रखने पर सेहत को ज्यादा फायदा मिलता है, लेकिन स्नैक्स और ड्रिंक्स में मौजूद हिडेन शुगर के कारण, ज्यादातर भारतीय इस लिमिट को क्रॉस कर जाते हैं, जिससे मोटापे, टाइप-2 डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। WHO ने सिफारिश की है कि वयस्कों और बच्चों को अपनी चीनी की खपत कुल ऊर्जा के 10% से कम रखनी चाहिए। 

Tag: #nextindiatimes #Stevia #WhiteSugar #Health

RELATED ARTICLE

close button