सिद्धार्थनगर। देश के प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार गरीब और परेशान लोगों की मदद करने और उन्हें इंसाफ देने के लिए नौकरशाह जिम्मेदार अधिकारियों (officers) को निर्देश देते है लेकिन कहीं न कहीं ये अधिकारी अपनी पूरी जिम्मेदारी से भटकते दिखाई दे रहे है। इसका ताजा उदाहरण सिद्धार्थनगर (Siddharthanagar) जिले में देखने को मिला है।
यह भी पढ़ें-मैनपुरी में आधा दर्जन लोगों को रौंदते हुए भागा ट्रक, एटा टोल प्लाजा पर दबोचा गया
दरअसल सिद्धार्थनगर (Siddharthanagar) जिले के इटवा तहसील क्षेत्र के नगर पंचायत इटवा विस्कोहर रोड निवासी सन्नो देवी ने सन 2019 में भिलौहा गांव के अंतर्गत गाटा संख्या 305 में बैनामा लिया था जिसका खारिज दाखिल और कब्जा भी है। उस जमीन पर कुछ लोगों ने जबरदस्ती टीन सेड डाल कर कब्जा कर लिया है।
इस मामले को लेकर पीड़ित सन्नो देवी ने तहसील इटवा (Siddharthanagar) से लेकर थाना कठेला समय माता तक चक्कर लगा चुकी है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सन्नो देवी और उनके पति ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हम परेशान हैं और हमारी सुनवाई भी नहीं हो रही है और हम अपने जमीन पर जाते हैं तो हमको धमकी भी देते हैं और हमारी जमीन पर जबरदस्ती टीन सेड डाल कर कब्जा किए हुए हैं।

जब इस मामले पर उप जिलाधिकारी कुणाल से इस पर बात की गई तो उनका कहना था कि ये लोग मेरे पास आए थे और मिले है। मैंने दोनों पक्षों को समझाया है एक ही गाटे में दो बैनामेदार है। मेरे न्यायालय में बंटवारे का वाद दाखिल करे जिससे जिसका जो अंश हो जांच के बाद उनको मिल सके। लेकिन सवाल यह है कि सन्नो देवी जब 2019 की बैंनामेदार है काबिज भी थी और फिर किसी के द्वारा अगर उनकी जमीन पर अतिक्रमण किया गया है तो Siddharthanagar प्रशासन उचित कार्यवाई क्यों नहीं कर रहा है ?
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
Tag: #nextindiatimes #Siddharthanagar #police