28.6 C
Lucknow
Tuesday, March 10, 2026

नहीं थम रहा गुलियन बैरी सिंड्रोम का कहर; अब तक 197 केस, 50 ICU में भर्ती

पुणे। महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) मामलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग (health department) के अधिकारियों के अनुसार, नर्व डिस-ऑर्डर के पांच और रोगियों का पता चला है। इसके साथ ही पुणे क्षेत्र में गुइलेन-बेरी सिंड्रोम (GBS) के संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 197 तक पहुंच गई है।

यह भी पढ़ें-पुणे में संदिग्‍ध बीमारी से कोहराम, एक की मौत; संक्रमितों की संख्या 100 पार

स्वास्थ्य विभाग (health department) के एक अधिकारी ने इसको लेकर बताया कि यहां पांच मरीजों में दो ताजा मामले और तीन पिछले दिनों के मामले शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग (health department) की एक विज्ञप्ति में कहा गया है, 197 मामलों में से 172 में GBS से जुड़ा इलाज किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस इलाके में GBS के कारण होने वाली संदिग्ध मौतों की संख्या सात पर है। जीबीएस एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें व्यक्ति की इम्यून सिस्टम पेरिफेरल नर्व्स पर हमला करती है, जिसके परिणामस्वरूप मांसपेशियों में कमजोरी, पैरों और बाहों में संवेदना की हानि, साथ ही निगलने या सांस लेने में समस्याएं होती हैं।इससे पहले 27 जनवरी को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (जीबीएस) से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस बीच पुणे में जीबीएस मरीजों की संख्या 101 हो गई थी। इनमें से 16 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे।

गुलियन-बेरी सिंड्रोम न्यूरोलाजिकल ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें नसें और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। आमतौर पर जीबीएस बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण से होता है क्योंकि रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। जानकार बताते हैं कि ये लाखों में किसी एक को होती है। हालांकि लगातार इस बीमारी के मामले सामने आने से डॉक्टर भी हैरान हो गए हैं।

Tag: #nextindiatimes #GBS #healthdepartment

RELATED ARTICLE

close button