चीन। चीन के गेलाओ जनजाति में एक ऐसा प्रथा आज भी जीवित है, जिसे सुनकर दुनिया के अधिकांश लोग हैरान रह जाते हैं। यहां शादी (wedding) से पहले दुल्हन के दांत तोड़े जाते हैं और यह कार्य उसके मामा छोटे हथौड़े से करते हैं। परंपरा के अनुसार यह कदम केवल सांस्कृतिक प्रतीक है और घाव भरने के लिए विशेष औषधि का इस्तेमाल किया जाता है।
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इस जनजाति में विवाह से पहले दुल्हन के दांत तोड़ने की प्रथा सदियों से चली आ रही है। माना जाता है कि यह रीति दुल्हन को वयस्क होने और शादी के लिए तैयार होने का प्रतीक है। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में कोई हिंसा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुष्ठान के रूप में इसे अपनाया जाता है। इस परंपरा में लड़की के मामा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। वे एक छोटे लकड़ी के हथौड़े का इस्तेमाल कर दुल्हन के दांतों पर हल्का वार करते हैं।

यह काम बेहद सावधानी और अनुभव से किया जाता है ताकि दांत टूटें लेकिन गंभीर चोट न पहुंचे। दांत तोड़ने के बाद मसूढ़ों पर खास औषधि लगाई जाती है, जिससे घाव जल्दी भरते हैं और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। यह प्रक्रिया समुदाय के स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों के अनुसार होती है।
गेलाओ लोग इसे पारिवारिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा मानते हैं और इसे किसी भी हाल में बदलने की कोशिश नहीं की जाती है। बाहरी दुनिया के लिए यह प्रथा असामान्य लग सकती है लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह पहचान, परंपरा और वयस्कता की निशानी है। समाज में इसे सम्मान और गरिमा के साथ देखा जाता है। आज के दौर में गेलाओ समुदाय के ज्यादातर लोग इसे व्यवहारिक रूप से नहीं निभाते हैं।
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