लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर हमें सिखाया जाता है कि रोना कमजोरी की निशानी है। खासकर बड़े होते-होते हम अपने आंसुओं (Tears) को छुपाना सीख लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कुछ भावनाओं को महसूस करने पर हमें रोना क्यों आता है।
यह भी पढ़ें-सफेद चीनी, ब्राउन शुगर या गुड़; सेहत के लिए क्या है बेहतर?
दरअसल, कई शोध में पाया गया है कि रोना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। यह सिर्फ दिल हल्का ही नहीं, शरीर और दिमाग दोनों के लिए एक नेचुरल हीलिंग बटन की तरह काम करता है। अगर आप रोने को सिर्फ दुख से जोड़ते हैं तो इसके फायदे जानकर हैरान हो जाएंगे। रोना से एंडोर्फिन जैसे हार्मोन रिलीज होते हैं, जो दिमाग और मन को शांत करते हैं।

दिल के बोझ को हल्का करने का सबसे अच्छा तरीका रोना है। जब भावनाएं लंबे समय तक अंदर दबाई जाती हैं तो मन भारी और बेचैन रहने लगता है। अगर आप रो लेते हैं तो मन शांत हो जाता है। जब हम किसी के सामने खुलकर रोते हैं, तो उससे सच्चे इमोशन्स का भी पता चलता है। सिर्फ दुख में ही नहीं, बल्कि कभी-कभी आप ज्यादा खुश होने पर, डरे हुए होने पर या स्ट्रेस में होने पर भी रो सकते हैं। इससे सामने वाला व्यक्ति हमें बेहतर समझ पाता है और रिश्तों में भरोसा और गहराता है।
रोने से ऑक्सीटोसिन हार्मोन रिलीज होते हैं, जो सेहत के लिए अच्छा होता है। जब आप रोते हैं, तो शरीर खुद-ब-खुद स्ट्रेस को बाहर निकाल देता है। यही वजह है कि रोने के बाद अच्छा महसूस होता है। रोते समय शरीर एंडोर्फिन नामक हार्मोन रिलीज करता है, जो दर्द को कम करने में मदद करता है। इसलिए कई बार रोने के बाद शारीरिक और मानसिक दर्द दोनों में राहत मिलती है।
Tag: #nextindiatimes #Tears #Lifestyle




