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Saturday, January 24, 2026

यूनिवर्सिटी-कॉलेजों में बदलेंगे शिक्षक भर्ती के नियम, होंगे ये बदलाव

नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी (University) ग्रांट कमीशन यानी कि यूजीसी जल्द ही यूजीसी फैकल्टी भर्ती नियमन का ड्राफ्ट लाने की तैयारी कर रहा है। इस नियम के आने के बाद कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में भर्ती (Teacher recruitment) के नियमों में बदलाव होगा। इससे अब यूजी पीजी पीएचडी (PhD) में अलग अलग विषय पढ़ने वाले अभ्यर्थी भी शिक्षक (teachers) बन सकेंगे।

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इस नियम के आने के बाद उद्यमिता स्टार्टअप जैसे नए क्षेत्रों और उद्योग भागीदारी को लेकर जुनून रखने वाले पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री धारकों को सीधे कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में बतौर फैकल्टी नियुक्ति (Teacher recruitment) प्रदान की जा सकेगी। यूजीसी के चैयरमेन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यदि कोई अभ्यर्थी ग्रेजुएशन (graduation), पीजी एवं पीएचडी में अलग-अलग विषय पढ़ता है तो उन्हें भी शिक्षक के रूप में भर्ती (Teacher recruitment) किया जा सकेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूजीसी विश्वविद्यालय/ कॉलेजों में शिक्षक व अन्य अकादमिक स्टाफ की नियुक्ति (Teacher recruitment) की न्यूनतम योग्यता और तय किये गए मानक बरकरार रखने के 2018 के नियमन में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। पुराने नियम के अनुसार अभी तक चार वर्षीय ग्रेजुएशन/ पीजी के साथ पीएचडी (PhD) होना भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता है।

इसके साथ ही इस नियम के मुताबिक अभी तक ग्रेजुएशन (graduation)/ पोस्ट ग्रेजुएशन एवं पीएचडी (PhD) एक ही विषय से होना अनिवार्य है। अब इसी में बदलाव किये जाने की तैयारी की जा रही है। पिछले 6 महीने में इस पर विस्तृत समीक्षा की गई है जिसके बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया है। यूजीसी चैयरमैन के मुताबिक अब शोध (research) पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया जाएगा।

Tag: #nextindiatimes #Teacherrecruitment #University

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