लाइफस्टाइल डेस्क। ऑफिस का काम (work) हो या ऑनलाइन क्लास…आजकल ज्यादातर लोगों की जिंदगी बैठे रहने में ही गुजर रही है। कई लोग सोचते हैं कि बैठना तो आराम का काम है, इसमें क्या नुकसान हो सकता है, लेकिन लगातार बैठना सेहत के लिए किसी खतरे की घंटी से कम नहीं।
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जब हम ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं, तो मांसपेशियों में लिपोप्रोटीन लाइपेस का निकलना कम हो जाता है, जिसके कारण खाना आसानी से पच नहीं पाता और वजन तेजी से बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर पेट और कमर के आसपास फैट बढ़ने लगता है। साथ ही, एक्सरसाइज करने के बाद भी आपको मेटाबोलिक सिंड्रोम होने का भी खतरा हो सकता है।
अगर आप चलते-फिरते नहीं रहेंगे, तो पैर और ग्लूट्स कमजोर हो सकते हैं। क्या आप जानते हैं कि दिन भर बैठे रहने से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं? जी हां, बिना मजबूत पैर और ग्लूट की मांसपेशियों के शरीर स्थिर नहीं रहता, जिसके कारण आपके शरीर को चोट भी लग सकती है।

कम चलने-फिरने से सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी असर पड़ता है। अगर आप ज्यादा देर तक बैठे रहते हैं, तो इससे डिप्रेशन और एंजाइटी जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। कई लोगों को फोकस करने में परेशानी आती है। शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी एक्टिव रखना काफी जरूरी है। इसलिए आप रोजाना एक्सरसाइज का सहारा ले सकते हैं।
अगर आप लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहते हैं, तो इससे हिप्स और पीठ को भी नुकसान पहुंच सकता है। दरअसल, बैठे रहने से हिप की मांसपेशियां छोटी हो जाती हैं, जिसके कारण बैठने की पोजीशन पीठ पर असर डाल सकती है।
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