एंटरटेनमेंट डेस्क। टेलीविजन की दुनिया के सबसे बड़े सम्मान ‘एमी अवॉर्ड्स’ का इतिहास किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। आमतौर पर पुरस्कारों के नाम किसी महान शख्सियत के नाम पर रखे जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एमी अवॉर्ड का नाम किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं, बल्कि एक तकनीक के कारण पड़ा?
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साल 1946 में हॉलीवुड के पहले टेलीविजन अकादमी की स्थापना की गई, जिसकी नींव सिड कैसिड ने रखी थी। 1947 में एडगर बर्गन इस अकादमी के पहले अध्यक्ष बने और अकादमी को पहचान दिलाने के लिए एक पुरस्कार समारोह का फैसला लिया गया, जो 25 जनवरी 1949 में आयोजित किया गया और तब से आज तक चला आ रहा है।

इस अवॉर्ड के नाम को लेकर काफी मंथन हुआ। अकादमी के संस्थापक सिड कैसिड ने पहले टीवी ट्यूब के नाम पर इसे ‘आइक’ कहने का सुझाव दिया, लेकिन उस समय जनरल ड्वाइट डी आइजनहावर इस नाम से बहुत मशहूर थे, इसलिए इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद ‘इमेज ऑर्थीकॉन ट्यूब’ (टीवी की एक तकनीक) को सम्मान देने के लिए इसका नाम ‘इमी’ रखने का विचार हुआ। बाद में इसे बदलकर ‘Emmy Awards’ कर दिया गया, ताकि यह किसी महिला के नाम जैसा लगे और पुरस्कार की प्रतिमा पर फिट बैठ सके।
एमी की ट्रॉफी को 1948 में एक टेलीविजन इंजीनियर लुईस मैकमैनस ने डिजाइन किया था। उन्होंने इसके लिए अपनी पत्नी डोरोथी को मॉडल बनाया। यह डिजाइन टीवी की कला और विज्ञान दोनों का मेल है। एक ट्रॉफी बनाने में लगभग साढ़े पांच घंटे का समय लगता है। इसके पंख कला की देवी के प्रतीक हैं, हाथ में गोला परमाणु को दर्शाता है, जो टीवी की साइंस और टेक्नोलॉजी का प्रतीक है।
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