झांसी। झांसी (Jhansi) के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड (SNCU) अग्निकांड में रेस्क्यू किए गए तीन और बच्चों (children) की मौत हो गई। अब मरने वाले बच्चों की संख्या 15 पहुंच गई है। 15 नवजात शिशुओं की जान लेने वाली हृदयविदारक घटना का असली साक्षी एनआईसीयू (NICU) वॉर्ड में लगा CCTV कैमरा निकला।
यह भी पढ़ें-झांसी अग्निकांड: अखिलेश-मायावती ने सरकार को घेरा, मुआवजे का हुआ ऐलान
हालांकि कैमरा आग (fire) से पूरी तरह जल चुका है लेकिन CCTV कैमरे से निकली चिप के डेटा को पुलिस ने री-स्टोर कर लिया है। इसमें साफ नजर आ रहा है कि आग पांच मिनट में भड़क गई और पूरा कमरा धुएं से भर गया। दरअसल एनआईसीयू (NICU) वॉर्ड में पांच CCTV कैमरे लगे थे, जिसमें एक अन्दर वाले कमरे में लगा था, जहां पर घटना हुई।
CCTV में साफ दिखा कि बिजली के एक्सटेंशन बोर्ड (extension board) में पहले आग लगी थी। इसे देखकर कर्मचारी ने उसका तार खींच दिया और बोर्ड में पैर मारकर उसको खिसकाकर कमरे के मध्य में कर दिया। इसके बाद जूते से आग को दबाने के साथ ही एक नर्स ने गत्ते से उसको बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान एक कर्मचारी बाहर से बोतल में पानी लेकर आया और डाला। इसके बाद एक कर्मचारी ने फायर सिलेंडर से आग को बुझाने की कोशिश की। आग तो बुझ गयी लेकिन उसके प्रेशर से आग की चिंगारी इधर-उधर फैल गयी।

इसके बाद सभी नर्स और कर्मचारी उसको बुझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वहां लगे प्लास्टिक के उपकरणों ने आग पकड़ ली। आग (fire) को भड़कता देख चिकित्सक और नर्स दो-दो, तीन-तीन बच्चों को गोद में लेकर भागीं, ताकि उनको सुरक्षित निकाला जा सके। 5 से 7 मिनट में ही आग भड़क गई। धुआं भरने के बाद भी एक कर्मचारी बाहर से कोई भारी चीज लेकर कमरे में आया और बाहर की तरफ खुलने वाली खिड़की का कांच तोड़ दिया। इसके बाद इसी खिड़की से बड़ी संख्या में बच्चों को बाहर निकाला गया।
Tag: #nextindiatimes #Jhansi #CCTV