आंध्र प्रदेश। धरती की निगरानी के लिए ईओएस-8 (EOS-08) को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार सुबह सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस रॉकेट के अंदर नया (SSLV) अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट (Satellite) EOS-8 लॉन्च किया गया है। एक छोटा सैटेलाइट SR-0 DEMOSAT भी पैसेंजर सैटेलाइट (Satellite) भी रॉकेट से साथ भेजा गया है।
यह भी पढ़ें-उड़ान भरते ही टुकड़े-टुकड़े हो गया जापानी रॉकेट, शुरू हुई जांच
दोनों सैटेलाइट्स (Satellite) धरती से 475 km की ऊंचाई पर एक गोलाकार ऑर्बिट में चक्कर लगाएंगे। इसके बाद रॉकेट (rocket) पूर्ण परिचालन मोड में आ जाएगा। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजकर 17 मिनट पर 500 किलोग्राम की वहन क्षमता वाला एसएसएलवी (SSLV) 175.5 किलोग्राम वजन वाले माइक्रोसैटेलाइट (microsatellite) ईओएस-08 को लेकर उड़ान भरेगा। उपग्रह का जीवनकाल एक साल तय किया गया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अनुसार प्रस्तावित मिशन एसएसएलवी (SSLV) विकास परियोजना को पूरा करेगा। इसके बाद इसका इस्तेमाल भारतीय उद्योग तथा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के मिशनों के लिए किया जाएगा। एसएसएलवी (SSLV) रॉकेट (rocket) मिनी, माइक्रो या नैनो उपग्रहों (10 से 500 किलोग्राम द्रव्यमान) को 500 किमी की कक्षा में लॉन्च करने में सक्षम है।
रॉकेट (rocket) के तीन चरण ठोस ईंधन (solid fuel) द्वारा संचालित होते हैं जबकि अंतिम वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल (VTM) में तरल ईंधन का इस्तेमाल होता है। उड़ान भरने के ठीक 13 मिनट बाद रॉकेट (rocket) ईओएस-08 (EOS-08) को उसकी कक्षा में छोड़ेगा और लगभग तीन मिनट बाद एसआर-0 अलग हो जाएगा। दोनों उपग्रह 475 किमी की ऊंचाई पर रॉकेट से अलग होंगे।
Tag: #nextindiatimes #SSLV #rocket #launchvehicle