लाइफस्टाइल डेस्क। Navratri केवल आस्था और आध्यात्मिक साधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह शरीर को हल्का और शुद्ध करने का भी अवसर होता है। बहुत से लोग पूरे नवरात्र व्रत रखते हैं, लेकिन व्रत के दौरान तली-भुनी चीजें या मिठाई वाली या फिर अत्यधिक कार्बोहाइड्रेट ले लेते हैं। इससे हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अगर व्रत के दौरान आहार संतुलित रहे तो यह बहुत लाभकारी होता है।
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व्रत के दौरान अक्सर प्रोटीन की कमी हो जाती है। इसकी पूर्ति के लिए पनीर, दही, दूध, मूंगफली, कुट्टू, राजगीरा और मखाने अच्छे विकल्प हैं।व्रत के दौरान अगर केवल आलू, साबूदाना या तली हुई चीजों पर निर्भर रहेंगे, तो ब्लड शुगर तेजी से बढ़ और घट सकता है, जिससे कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए व्रत के आहार में संतुलन रखना जरूरी है।

मौसमी फलों और सब्जियों के साथ ही सेब, पपीता, अमरूद, नारियल पानी, खीरा और टमाटर आदि शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और आवश्यक विटामिंस और मिनरल्स प्रदान करते हैं।साबूदाना या आलू के अलावा कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और राजगीरा बेहतर विकल्प हैं। इनमें फाइबर अधिक होता है। इनसे शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा मिलती रहती है।
भीगे हुए बादाम, अखरोट, कद्दू और सूरजमुखी के बीज ऊर्जा और अच्छे फैट प्रदान करते हैं। ये हार्मोन संतुलन और हृदय के लिए भी लाभकारी हैं। व्रत के दौरान पानी, छाछ, दही और नींबू पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखता है साथ ही थकान से भी बचाता है। जिन लोगों को डायबिटीज है, उन्हें व्रत रखते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। व्रत रखने से पहले अपने डाक्टर की सलाह से इंसुलिन/टैबलेट के डोज के बारे में बदलाव की जानकारी लें।
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