लाइफस्टाइल डेस्क। बालों का झड़ना एक ऐसी समस्या है, जिससे लगभग हर कोई कभी न कभी जूझता है। बता दें कि हर बार hair fall किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कब हेयर फॉल नॉर्मल है और कब परेशानी की वजह है। आइए जानें कि हेयर फॉल कब नॉर्मल है और कब आपको डॉक्टर से मिलने की जरूरत है।
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हमारे बाल एक नेचुरल ग्रोथ साइकिल से गुजरते हैं। इसमें तीन स्टेज होते हैं- एनाजेन (बढ़ने का चरण), कैटाजेन (रुकने का चरण) और टेलोजेन (झड़ने का चरण)। एक स्वस्थ वयस्क के सिर से रोजाना 50 से 100 बालों का गिरना पूरी तरह सामान्य माना जाता है। अगर आपके बाल झड़ रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नए छोटे बाल उग रहे हैं और आपके बालों का वॉल्यूम बना हुआ है, तो चिंता की कोई बात नहीं है।

अक्सर मानसून या बदलते मौसम के दौरान हेयर फॉल थोड़ा बढ़ जाता है, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है। अगर सिर के किसी खास हिस्से से सिक्के के आकार में गोल पैच बन रहे हैं और वहां की त्वचा पूरी तरह चिकनी हो गई है, तो यह ऑटोइम्यून समस्या हो सकती है। महिलाओं में अक्सर सिर के बीच की मांग चौड़ी होने लगती है, जो बालों के पतला होने का संकेत है।
पुरुषों में माथे के दोनों किनारों से बाल कम होना या ‘M’ शेप बनना मेल पैटर्न बाल्डनेस की शुरुआत हो सकती है। तकिए पर, नहाते समय ड्रेन में या पोंछते समय अगर बालों के गुच्छे निकल रहे हैं तो यह सामान्य नहीं है। अगर बाल झड़ने के साथ सिर में बहुत डैंड्रफ, रेडनेस या जलन है, तो यह फंगल इन्फेक्शन हो सकता है।
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