लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर हम आंखों (Eye) के डॉक्टर के पास तभी जाते हैं जब हमें धुंधला दिखने लगता है या चश्मे की जरूरत महसूस होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आंखों की नियमित जांच सिर्फ नजर का टेस्ट नहीं है, बल्कि यह समय रहते शरीर की कई गंभीर बीमारियों का अलर्ट दे सकती है। आइए जानें आंखों के टेस्ट किन बीमारियों का संकेत दे सकते हैं।
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हमारी आंखें शरीर की नसों और ब्लड वेसल्स की एक साफ झलक पेश करती हैं। जब डॉक्टर एक स्पेशल आई ड्रॉप्स की मदद से आपकी पुतलियों को फैलाकर आंखों के अंदरूनी हिस्से का बारीकी से जांच करते हैं, तो उन्हें शरीर में पनप रही कई गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत मिल सकते हैं।
अगर आंख के पीछे की नसें असामान्य दिख रही हैं, उनमें सूजन है या खून के धब्बे नजर आ रहे हैं, तो यह हाई बीपी का साफ संकेत हो सकता है। दिमाग में ट्यूमर होने पर दबाव बढ़ता है जो आंखों की ऑप्टिक नर्व तक पहुंच जाता है। इसके संकेतों में ऑप्टिक नर्व में सूजन, डबल दिखना, पुतली के आकार में बदलाव या साइड विजन का कम होना शामिल है। रेटिना की नसों में ब्लॉकेज या थक्के बनने से नजर के सामने धुंधले धब्बे या पर्दे जैसा महसूस हो सकता है। यह भविष्य में स्ट्रोक आने का एक बड़ा चेतावनी संकेत है।

अगर आपकी आंखें बाहर की तरफ उभरी हुई दिख रही हैं या पलकें पीछे की ओर खिंच रही हैं, तो यह थायरॉयड की समस्या की ओर इशारा करता है। रेटिना की नसों से खून या पीले रंग के फ्लूड का निकलना डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत है। समय पर जांच से मरीज अपनी आंखों की रोशनी बचा सकते हैं।
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