लाइफस्टाइल डेस्क। दिन भर की भागदौड़ में अक्सर हम घंटों तक पानी नहीं पीते हैं। बाहर से तो हमें सिर्फ गला सूखने या मांसपेशियों में हल्की जकड़न का एहसास होता है, लेकिन शरीर के अंदर एक अलग ही उथल-पुथल चल रही होती है। पानी की कमी होने पर हमारी कोशिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। शरीर में बचे हुए पानी को सुरक्षित रखने के लिए हमारी किडनी भी एक्स्ट्रा मेहनत करती है, जिसकी वजह से पेशाब का रंग गहरा पीला हो जाता है।
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पानी की कमी से आपके शरीर में खून की कुल मात्रा घट जाती है। इसका सीधा असर आपके दिल पर पड़ता है, जिसे खून सप्लाई करने के लिए सामान्य से ज्यादा जोर लगाना पड़ता है।नतीजतन, आराम करते समय भी आपकी धड़कन तेज हो सकती है और आपको भयंकर थकान लग सकती है। इस स्थिति में डॉगी को वॉक पर ले जाना या जिम में एक्सरसाइज करना पहाड़ चढ़ने जैसा मुश्किल लग सकता है, क्योंकि मांसपेशियां जल्दी थक जाती हैं।

कम पानी पीने से दिमाग के टिश्यू कुछ समय के लिए सिकुड़ सकते हैं, खासकर दिमाग का वह हिस्सा जो हमारे दर्द को महसूस करता है। इसके साथ ही शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी डगमगा जाता है। इन दोनों बदलावों का सीधा परिणाम सिरदर्द और चक्कर आने के रूप में सामने आता है।
खूब पानी पीने से एजिंग की प्रक्रिया भले ही न रुकती हो, लेकिन पानी की कमी आपको समय से पहले बूढ़ा जरूर दिखा सकती है। Dehydration से त्वचा रूखी, बेजान और झुर्रियों वाली हो जाती है। इसकी पहचान के लिए डॉक्टर अक्सर मरीजों की त्वचा को खींचकर देखते हैं-अगर त्वचा तुरंत अपनी जगह पर वापस नहीं जाती, तो यह गंभीर डिहाइड्रेशन का संकेत माना जाता है।
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