हेल्थ डेस्क। ब्लोटिंग या पेट फूलने की समस्या काफी आम है और ज्यादातर लोगों के साथ कभी न कभी जरूर होती है। आमतौर पर यह गैस (gas), कब्ज, या गलत खान-पान के कारण होता है (Bloating Causes) और कुछ ही देर में ठीक हो जाता है। अगर यह बार-बार हो, तो चिंता का विषय है।
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ऐसे तो महिलाओं में पीरियड्स शुरू होने से पहले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण पेट फूलना (gas) एक सामान्य लक्षण है। थायरॉयड हार्मोन की कमी होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इससे पाचन प्रक्रिया प्रभावित होती है, कब्ज की समस्या बढ़ती है और पेट में सूजन व ब्लोटिंग महसूस होती है।
ब्लोटिंग पाचन तंत्र की किसी गड़बड़ी का सबसे बड़ा संकेत है। दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स में मौजूद लैक्टोज शुगर को पचा न पाने की स्थिति में गैस, ब्लोटिंग और दस्त हो सकते हैं। ग्लूटेन से भरपूर फूड खाने पर इम्यून सिस्टम की रिएक्शन के कारण छोटी आंत डैमेज हो जाती है, जिससे पेट फूलना (gas), दस्त और वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। लंबे समय कब्ज बने रहने से मल बड़ी आंत में जमा हो जाता है, जिससे गैस और ब्लोटिंग की शिकायत होती है।

अगर ब्लोटिंग के साथ अन्य गंभीर लक्षण दिखें, तो यह लिवर या दिल की बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जब हार्ट शरीर के अन्य भागों में पर्याप्त खून पंप नहीं कर पाता, तो शरीर में फ्लूएड जमा होने लगता है। इससे पेट में ब्लोटिंग के अलावा पैरों में सूजन, सांस लेने में तकलीफ और बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है। अगर आपकी ब्लोटिंग लंबे समय (कई हफ्तों) तक बनी रहती है तो डॉक्टर से सम्पर्क करें।
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