17 C
Lucknow
Wednesday, January 28, 2026

सुबह की अकड़न और जोड़ों में दर्द को न करें इग्नोर, हो सकता है आर्थराइटिस

हेल्थ डेस्क। क्या आपको भी सुबह उठने के बाद घुटने और जोड़ों में दर्द या अकड़न रहती है। यदि समय रहते इन लक्षणों का निदान नहीं हुआ, तो वह हाथों-पैरों, कोहनी, कूल्हे, घुटने समेत अनेक जोड़ों के लिए मुसीबत बन सकता है। अक्सर किसी भी बीमारी की शुरुआत में लोग थकान या दर्द को हल्का लक्षण मानकर अनदेखा कर देते हैं। अगर ऐसा है तो ये आर्थराइटिस (Arthritis) के लक्षण हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें-हार्ट अटैक से 48 घंटे पहले दिखने लगते है ये लक्षण, न करें नजरअंदाज

दरअसल रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक आटोइम्यून बीमारी है। इसके लिए पर्यावरण व जीवनशैली भी जिम्मेदार है। किसी भी बीमारी का 30 से 40 प्रतिशत कारक जीन होता है, शेष बाहरी कारण होते हैं। स्वस्थ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ऊतकों और कोशिकाओं पर हमला करने वाले वायरस, बैक्टीरिया आदि बचाव करती है, लेकिन बाहरी कारकों के प्रभाव में आकर जब इन कोशिकाओं में मौजूद प्रोटीन के स्वरूप में बदलाव होता है तो प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही शरीर की कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है।

पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है। इससे शरीर में सूजन उत्पन्न होने लगता है और आटोइम्यून बीमारियां पैदा होती हैं। वायु प्रदूषण, केमिकल पेस्टिसाइड, खराब खानपान आदि की इसमें बड़ी भूमिका है। बेहतर जीवनशैली से ही आर्थराइटिस जैसी बीमारी से बचाव संभव है। साल्मन, टूना अदि मछलियां सूजन नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

फलों सब्जियों का सेवन भी सूजन कम करता है। इनमें मटर और बस फैट रहित होते हैं। इनमें एंटीआक्सीडेंट्स, फैलिक एसिड, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक भी पाए जाते हैं। रिफाइंड अनाज की तुलना में साबुत अनाज का इस्तेमाल ज्यादा करना चाहिए। इनमें पोषक तत्त्व और फाइबर की मात्रा अधिक होती है। लेबल पढ़कर ही ब्रेड, अनाज और अन्य खाने का सामान खरीदना चाहिए।

Tag: #nextindiatimes #Arthritis #Health

RELATED ARTICLE

close button