नई दिल्ली। विदेशी फंडों (foreign funds) की निकासी और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांकों में बड़ी गिरावट दिखी। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (Sensex) 1100 अंकों तक फिसला। वहीं दूसरी ओर एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 24250 से नीचे आ गया।
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सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर सेंसेक्स (Sensex) 984.26 (1.21%) अंक गिरकर 80,352.14 पर पहुंच गया। निफ्टी 301.00 (1.23%) अंक टूटकर 24,247.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स (Sensex) की 30 शेयरों वाली प्रमुख कंपनियों में टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank), एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टूब्रो, भारतीय स्टेट बैंक तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा गिरावट में रहे। भारती एयरटेल, नेस्ले, अदाणी पोर्ट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर को लाभ हुआ।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 3,560.01 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। खुदरा मुद्रास्फीति नवंबर में घटकर 5.48 प्रतिशत पर आ गई और यह मुख्य रूप से खाद्य कीमतों में कमी के कारण रिजर्व बैंक (Reserve Bank) के आरामदायक स्तर पर आ गई, जिससे फरवरी में नए गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक की दर निर्धारण समिति की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बनी।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित हेडलाइन मुद्रास्फीति अक्टूबर में 6.21 प्रतिशत और नवंबर 2023 में 5.55 प्रतिशत थी। गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर अक्तूबर 2024 में सालाना आधार पर धीमी होकर 3.5 प्रतिशत रह गई, जिसका मुख्य कारण खनन, बिजली और विनिर्माण का खराब प्रदर्शन है।
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