नई दिल्ली। लोकसभा में चुनकर आने के बाद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) पहली बार संबोधन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि संविधान (Constitution) ही हमारी आवाज है, यह सिर्फ एक दस्तावेज मात्र नहीं है। भारत में संवाद और चर्चा की परंपरा रही है। उधर संविधान के अंगिकार के 75 वर्ष पूरे होने पर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बहस की शुरुआत की है।
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प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि दुख की बात ये है कि सत्तापक्ष के साथी जो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने 10 सालों में ये सुरक्षा कवच तोड़ने का प्रयास किया है। लेटरल एंट्री और निजीकरण के जरिए सरकार आरक्षण को कमजोर करने का काम कर रही है। अगर लोकसभा में ये नतीजे नहीं आए होते तो संविधान (Constitution) बदलने का काम भी शुरू कर देती। इस चुनाव में इनको पता चल गया कि देश की जनता ही इस संविधान को सुरक्षित रखेगी। इस चुनाव में हारते-हारते जीतते हुए एहसास हुआ कि संविधान बदलने की बात इस देश में नहीं चलेगी।

वायनाड सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि बाबा आंबेडकर, मौलाना आजाद जी और जवाहरलाल नेहरू और उस समय के तमाम नेता इस संविधान को बनाने में सालों जुटे रहे। हमारा संविधान (Constitution) इंसाफ, अभिव्यक्ति और आकांक्षा की वो ज्योत है जो हर हिंदुस्तानी के दिल में जलती है। इसने हर भारतीय को ये पहचानने की शक्ति दी कि उसे न्याय मिलने का अधिकार है। उसे अपने अधिकारों की आवाज उठाने की क्षमता है।
प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि जातीय जनगणना की मांग पर ये मंगलसूत्र की बात करते हैं। इस मुद्दे को लेकर ये इनकी गंभीरता है। उधर कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा में हंगामा मच गया। अध्यक्ष जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, झुकने वाला नहीं हूं।
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