सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार विभिन्न विभागों (departments) से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए कई तरह के प्रयोग कर रही है। लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी (officers) सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी बीच एक मामला सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) जिले से सामने आया है।
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उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center) के अधीक्षक द्वारा कमीशन के चक्कर में महीनों से गैर हाजिर चल रहे कर्मचारी का फर्जी हस्ताक्षर (signatures) बनाकर जो आपस में मैच नही करते लगातार वेतन आहरित करने का मामला प्रकाश में आया है।
पूरा मामला सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center) इटवा का है; जहां के अधीक्षक (Superintendent) डॉक्टर संदीप द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्थानीय नागरिक बृजभूषण पांडे ने साक्ष्य एवं शपथ पत्र के साथ जिलाधिकारी (District Magistrate) से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

बृजभूषण पांडे ने जानकारी देते हुए बताया कि अस्पताल में बाबू के पद पर कार्यरत अनुपम गौतम पिछले कई महीनो से गैर हाजिर है लेकिन अधीक्षक (Superintendent) द्वारा फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वेतन भुगतान कराया जा रहा है साथ ही कई अवैध अस्पताल, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटरों (ultrasound centers) को संरक्षण देकर चलवाया जा रहा है और बदले में कमीशन लिया जा रहा है। मजे की बात है कि सिद्धार्थनगर (Siddharthnagar) के जिलाधिकारी (District Magistrate) राजा गणपति आर के सख्त तेवर और आरोपियों पर लगातार एक्शन के बावजूद भ्रष्टाचारियों के मनोबल टूट नही रहे हैं बल्कि भ्रष्टाचार (corruption) को अंजाम देने के बाद जिलाधिकारी को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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