उत्तराखंड। उत्तराखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) के मामले को लेकर ED ने बुधवार सुबह एक्शन लिया है। ED ने उनके उत्तराखंड, दिल्ली और चंडीगढ़ के कुल 12 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे हैं। रावत 2019-20 में भाजपा सरकार में वन मंत्री थे।
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इस दौरान कॉर्बेट टाइगर (Corbett Tiger) सफारी प्रोजेक्ट के लिए कॉर्बेट पार्क के पाखरो रेंज में 6000 पेड़ों की अवैध कटाई हुई थी, जबकि इजाजत सिर्फ 169 पेड़ों को काटने की थी। इसके अलावा पाखरो रेंज में अवैध निर्माण भी हुआ था। इस मामले को लेकर रावत और उनके विभाग के अधिकारियों पर मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) के आरोप लगे। ED आज इसी मामले को लेकर छापेमारी कर रही है। रावत 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा (BJP) छोड़कर कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गए थे।

30 अगस्त 2023 को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (Corbett Tiger) में अवैध निर्माण को लेकर देहरादून (Dehradun) में हरक सिंह रावत के कई ठिकानों पर विजिलेंस ने छापेमारी की थी। इसमें उनके बेटे के भी कई संस्थान शामिल थे। इसे लेकर भाजपा (BJP) के विधायक दिलीप रावत ने इन मामलों की CBI जांच की मांग की थी।
इसके अलावा रावत के ठिकानों पर पहले भी छापेमारी की जा चुकी है। विजलेंस टीम ने उनके देहरादून (Dehradun) के शंकरपुर स्थित एक कॉलेज और छिद्दरवाला में एक पेट्रोल पंप पर छापा मारा था। विजलेंस टीम (vigilance team) ने पाया था कि इन दोनों जगह पर दो जनरेटर लगाए गए थे, जिसे सरकारी पैसों से खरीदा गया था।
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